# Kamal Nayan Singh & Ors v. State of U.P. & Ors. Opp. Parties 1486 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES

- **Citation:** (2024) 7 ILRA 1485
- **Court:** High Court of Judicature at Allahabad
- **Decided:** 2024-07-30
- **Case number:** Writ-A No. 6738 of 2024
- **Bench:** Subhash Vidyarthi
- **Source:** https://unisonlegal.in/judgment/allahabad-high-court/kamal-nayan-singh-ors-v-state-of-u-p-ors-opp-parties-1486-indian-law-reports-52214
- **Pages:** 11

## Headnote

C.S.C., Siddharth Singhal

अ) सेवा कानून - पुराने ननयमों के तहत ननयुनि की माांग -
भारतीय सांनवधान - अनुच्छेद 309,310,311 - सरकारी
नौकररयों और अनधकाररयों की ननयुनि से सांबांनधत , अनुच्छेद
14 - समानता का अनधकार - सरकार को यह अनधकार है
नक वह सांशोधन के पूवव उत्पन्न हुई ररनियों को नहीं भरने का
नीनतगत ननर्वय ले सकती है - इस ननर्वय के बाद, नकसी भी
अभ्यर्थी को पुराने ननयमों के अनुसार भती मााँगने का अनधकार
नहीं होगा - सरकार का नीनतगत ननर्वय उनित तर्था सकारर्
होना िानहए और सांनवधान के अनुच्छेद 14 की कसौटी पर
खरा उतरना िानहए - नवशेष योग्यता वाले पदों, यर्था
पुस्तकालयाध्यक्ष, के स्तर का उन्नयन (Upgradation)
नकसी भी प्रकार से एक जननहत नवरोधी ननर्वय नहीं कहा जा
सकता - लोक पदों की योग्यता के स्तर का उन्नयन लोकनहत
के नवपरीत न होकर लोकनहत को बढावा देने वाला प्रभाव
रखेगा - लोक सेवा में ननयुनि हेतु ियन प्रनिया का उद्देश्य
सववश्रेष्ठ और कायव के नलए सवावनधक उपयुि व्यनि का ियन
करना है। (पैरा - 26,27, 34-37)

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेि चयन आयोग ने पुस्तक िय ध्यक्ष के पदों
पर 2016 में चयन प्रहिय प्र रांि की -तत्पि त अहखि ि रतीय
तकनीकी हशक्ष पररषद और र ज्य सरक र ने योग्यत और िेतनम न
में उधनयन (Upgradation) करते ि ए नए हनयम ि गू हकए -
चयन प्रहिय पुर ने हनयमों पर आध ररत थी - जबहक नई चयन
प्रहिय सांशोहधत हनयमों के अनुस र शुरू की गई -य हचक कत ुओां
क तकु - चयन प्रहिय को 2016 के हनयमों के अनुस र पूर
हकय ज न च हिए, न हक नए सांशोहधत हनयमों के तित । (पैरा 34,12,36-37)

ननर्वय : यहद कोई चयन प्रहिय पुर ने हनयमों के आध र पर शुरू
की गई थी, हजसमें कम शैहक्षक योग्यत ि िे अभ्यहथुयों को कम
िेतनम न के पद पर चयन के हिए प्र रम्ि हकय गय थ , तो ऐसे
चयन के आध र पर हनयुहक्त प ने क कोई हनहित अहधक र निीं
िै। यि इसहिए िै क्योंहक अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष
पररषद् और र ज्य सरक र ने पुस्तक िय ध्यक्ष के पद क स्तर
उधनयन कर हदय िै, और उच्चीकृत स्तर के हिए उ०प्र० िोक
सेि आयोग ने एक हिज्ञ पन प्रक हशत करके चयन प्रहिय प्र रम्ि
कर दी िै। म त् चयन प्रहिय में ि ग िेने से अभ्यहथुयों को
हनयुहक्त क अहधक र निीं िोत िै। पुर ने हनयमों के आध र पर
चयन प्रहिय को पूर करन आिश्यक निीं िै।
( पैरा 4142 )

ररट यानिकाएाँ ननरस्त कर दी गईां। (E-7)
उद्धृत मामलों की सूिी :

## Text

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7 All. Kamal Nayan Singh & Ors. Vs. State of U.P. & Ors.
1485
holding disciplinary proceedings envisaged
by Article 311 of the Constitution or under
any other disciplinary rules shall not arise.

51. In R. Vishwanatha Pillai v.
State of Kerala: (2004) 2 SCC 105, the
Hon'ble Supreme Court held that: -

"19. ... The rights to salary,
pension and other service benefits are
entirely statutory in nature in public
service. The appellant obtained the
appointment against a post meant for a
reserved candidate by producing a
false caste certificate and by playing a
fraud. His appointment to the post was
void and non est in the eye of the law.
The right to salary or pension after
retirement flows from a valid and legal
appointment. The consequential right
of pension and monetary benefits can
be given only if the appointment was
valid and legal. Such benefits cannot
be given in a case where the
appointment was found to have been
obtained fraudulently and rested on a
false caste certificate. A person who
entered the service by producing a
false caste certificate and obtained
appointment for the post meant for a
Scheduled Caste, thus depriving a
genuine Scheduled Caste candidate of
appointment to that post, does not
deserve any sympathy or indulgence of
this Court. A person who seeks equity
must come with clean hands. He, who
comes to the court with false claims,
cannot plead equity nor would the
court be justified to exercise equity
jurisdiction in his favour. A person who
seeks equity must act in a fair and
equitable manner. Equity jurisdiction
cannot be exercised in the case of a
person who got the appointment on the
basis of a false caste certificate by
playing a fraud. No sympathy and
equitable consideration can come to
his rescue. We are of the view that
equity or compassion cannot be
allowed to bend the arms of law in a
case where an individual acquired a
status by practising fraud."

52. The petitioner has been found
to have secured a public employment by
submitting a forged marks-sheet, which
makes his initial appointment as null and
void and there is no illegality in the
impugned orders. The petitioner having
committed a fraud by submitting a
forged marks-sheet at the time of
applying for his initial appointment, is
not entitled to get any retiral dues.
However, as this Court had passed
interim orders in favour of the petitioner
allowing him to continue in service, this
Court does not deem it proper that the
salary already paid to the petitioner be
recovered from him.

53. In view of the aforesaid
discussion, this Court finds no merit in any
of the three Writ Petitions filed by the
petitioner. All the Writ Petitions are
dismissed.
----------
(2024) 7 ILRA 1485
ORIGINAL JURISDICTION
CIVIL SIDE
DATED: ALLAHABAD 30.07.2024

BEFORE

THE HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.

Writ-A No. 6738 of 2024
Alongwith
Writ-A No. 7788 of 2024

Kamal Nayan Singh & Ors. ...Petitioners
Versus
State of U.P. & Ors. ...Opp. Parties
1486 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
Counsel for the Petitioners:
Siddharth Khare, Sr. Advocate

Counsel for the Opp. Parties:
C.S.C., Siddharth Singhal

अ) सेवा कानून - पुराने ननयमों के तहत ननयुनि की माांग -
भारतीय सांनवधान - अनुच्छेद 309,310,311 - सरकारी
नौकररयों और अनधकाररयों की ननयुनि से सांबांनधत , अनुच्छेद
14 - समानता का अनधकार - सरकार को यह अनधकार है
नक वह सांशोधन के पूवव उत्पन्न हुई ररनियों को नहीं भरने का
नीनतगत ननर्वय ले सकती है - इस ननर्वय के बाद, नकसी भी
अभ्यर्थी को पुराने ननयमों के अनुसार भती मााँगने का अनधकार
नहीं होगा - सरकार का नीनतगत ननर्वय उनित तर्था सकारर्
होना िानहए और सांनवधान के अनुच्छेद 14 की कसौटी पर
खरा उतरना िानहए - नवशेष योग्यता वाले पदों, यर्था
पुस्तकालयाध्यक्ष, के स्तर का उन्नयन (Upgradation)
नकसी भी प्रकार से एक जननहत नवरोधी ननर्वय नहीं कहा जा
सकता - लोक पदों की योग्यता के स्तर का उन्नयन लोकनहत
के नवपरीत न होकर लोकनहत को बढावा देने वाला प्रभाव
रखेगा - लोक सेवा में ननयुनि हेतु ियन प्रनिया का उद्देश्य
सववश्रेष्ठ और कायव के नलए सवावनधक उपयुि व्यनि का ियन
करना है। (पैरा - 26,27, 34-37)

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेि चयन आयोग ने पुस्तक िय ध्यक्ष के पदों
पर 2016 में चयन प्रहिय प्र रांि की -तत्पि त अहखि ि रतीय
तकनीकी हशक्ष पररषद और र ज्य सरक र ने योग्यत और िेतनम न
में उधनयन (Upgradation) करते ि ए नए हनयम ि गू हकए -
चयन प्रहिय पुर ने हनयमों पर आध ररत थी - जबहक नई चयन
प्रहिय सांशोहधत हनयमों के अनुस र शुरू की गई -य हचक कत ुओां
क तकु - चयन प्रहिय को 2016 के हनयमों के अनुस र पूर
हकय ज न च हिए, न हक नए सांशोहधत हनयमों के तित । (पैरा 34,12,36-37)

ननर्वय : यहद कोई चयन प्रहिय पुर ने हनयमों के आध र पर शुरू
की गई थी, हजसमें कम शैहक्षक योग्यत ि िे अभ्यहथुयों को कम
िेतनम न के पद पर चयन के हिए प्र रम्ि हकय गय थ , तो ऐसे
चयन के आध र पर हनयुहक्त प ने क कोई हनहित अहधक र निीं
िै। यि इसहिए िै क्योंहक अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष
पररषद् और र ज्य सरक र ने पुस्तक िय ध्यक्ष के पद क स्तर
उधनयन कर हदय िै, और उच्चीकृत स्तर के हिए उ०प्र० िोक
सेि आयोग ने एक हिज्ञ पन प्रक हशत करके चयन प्रहिय प्र रम्ि
कर दी िै। म त् चयन प्रहिय में ि ग िेने से अभ्यहथुयों को
हनयुहक्त क अहधक र निीं िोत िै। पुर ने हनयमों के आध र पर
चयन प्रहिय को पूर करन आिश्यक निीं िै।
( पैरा 4142 )

ररट यानिकाएाँ ननरस्त कर दी गईां। (E-7)
उद्धृत मामलों की सूिी :

1. हिम चि प्रदेश र ज्य तथ अधय बन म र जकुम र तथ अधय,
(2023) 3 एस०सी०सी० 773

2. ि ई०िी० रांगैय बन म जे० श्रीहनि स र ि, (1983) 3 सुप्रीम
कोटु केसेस 284

3. आस म िोक सेि आयोग बन म प्र ांजि कुम र सम ु,
(2020) 20 एस०सी०सी० 680

4. र मजीत हसांि कदुम बन म सांजीि कुम र तथ अधय, (2020)
20 एस०सी०सी० 209

5. िीि धर बन म र जस्थ न र ज्य, (1981) 4 सुप्रीम कोटु
केसेस 159

6. अशोक कुम र य दि बन म िररय ण र ज्य, (1985) 4
सुप्रीम कोटु केसेस 417

7. तेज प्रक श प ठक बन म र जस्थ न उच्च धय य िय, (2013)
4 सुप्रीम कोटु केसेस 540

8. र मजीत हसांि कदुम बन म सांजीि कुम र, (2020) 20 सुप्रीम
कोटु केसेस 209

9. तहमिन डु कम्प्यूटर स इांस बी.एड. गिनुमेंट िेिफेयर सोस यटी
(1) बन म ि यर सेकेंडरी स्कूि कम्प्यूटर टीचसु एसोहसएशन,
(2009) 14 एस०सी०सी 517

10. तेज प्रक श प ठक बन म र जस्थ न र ज्य, (2013) 4
एस०सी०सी 540

(Delivered by Hon'ble Subhash Vidyarthi, J.)
7 All. Kamal Nayan Singh & Ors. Vs. State of U.P. & Ors.
1487

1. ररट-ए सांख्य -6738 िषु 2024 के य हचक कत ुगण
की तरफ से हिद्व न िररष्ठ अहधिक्त श्री अशोक खरे एिां अहधिक्त
श्री हसद्ध थु खरे, ररट-ए सांख्य -7788 िषु 2024 के
य हचक कत ुगण के हिद्व न अहधिक्त श्री अहखिेश हत्प ठी, हिपक्षी
सांख्य -1 एिां 2 की तरफ से उपहस्थत हिद्व न अपर मि हधिक्त श्री
अशोक मेित तथ हिद्व न अपर मुख्य स्थ यी अहधिक्त श्री प्रदीप्त
कुम र श िी, उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग की तरफ से
हिद्व न अहधिक्त श्री हसद्ध थु हसांघि की तरफ से उपहस्थत हिद्व न
अहधिक्त श्री अहखिेश कुम र को सुन तथ पत् ििी क
अििोकन हकय ।

2. ि रतीय सांहिध न के अनुच्छेद 226 के अांतगुत
प्रस्तुत उपरोक्त दोनों ररट य हचक ओां द्व र य हचक कत ुओां ने प्रमुख
सहचि, प्र हिहधक हशक्ष अनुि ग-2, उ०प्र० श सन द्व र हनगुत
क य ुिय ज्ञ प सांख्य 23.03.2024 की िैधत को चुनौती दी िै
तथ हिपक्षीगण को यि परम देश देने क अनुरोध हकय िै हक
हिज्ञ पन सांख्य -22-परीक्ष /2016 के िम में हनगुत चयन सूची
हदन ांक 12.12.2021 के आध र पर िे य हचक कत ुगण को
हनदेशक, तकनीकी हशक्ष , उ०प्र०, क नपुर के अधीन
पुस्तक ि ध्यक्ष के पदों पर हनयुहक्त प्रद न करें।

3. सांक्षेप में प्रकरण के तथ्य इस प्रक र िैं हक उ०प्र०
अधीनस्थ सेि चयन आयोग ने हिज्ञ पन सांख्य -22परीक्ष /2016 द्व र 14 हिहिधन हिि गों में अनेक श्रेहणयों में
हनयुहक्तय ाँ करने िेतु चयन करने के हिए हिज्ञ पन हनक ि , हजसमें
हनदेशक तकनीकी हशक्ष , उ०प्र०, क नपुर के अधीन पुस्तक ि ध्यक्ष
के 69 पद रु० 2,800/-ग्रेड िेतन, रु० 5,200-20,200/-
िेतन िम के थे। य हचक कत ुगण ने उपरोक्त हिज्ञ पन के सांदिु में
प्र थुन पत् हदये तथ चयन प्रहिय में प्रहति ग हकय । हिहखत परीक्ष
तथ स क्ष त्क र के उपर धत उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग ने
हदन ांक 12.12.2021 को उपरोक्त हिज्ञ पन सांख्य -22 के िम
में चयन पररण म घोहषत हकय , हजसमें य हचक कत ुगण सहित 23
अभ्यथी चयहनत घोहषत हकये गये।

4. अांहतम चयन सूची प्रक हशत िोने के ब द िी
चयहनत अभ्यहथुयों को हनयुहक्त-पत् हनगुत निीं हकये गये।
य हचक कत ुगण की ज नक री के अनुस र हनयुहक्त पत् हनगुत न िोने
क क रण यि िै हक हदन ांक 01.03.2019 को ि रतीय
तकनीकी हशक्ष पररषद ने तकनीकी सांस्थ नों में क युरत कहमुयों के
िेतनम न, सेि शतें तथ हशक्षकों एिां अधय हशक्षण कहमुयों यथ
पुस्तक िय एिां श रीररक हशक्ष कहमुयों के िेतनम न, सेि शतों
तथ धयूनतम योग्यत तथ सांस्थ नों में स्तर बन ए रखने के उप यों के
सांबांध में हनयम ििी प्रक हशत की। उक्त हनयम ििी के प्रस्तर 5.1
के अनुस र सि यक पुस्तक िय ध्यक्ष (िेतन स्तर, 9ए, प्र रहम्िक
िेतन रु० 56,100/-) के हिए धयूनतम योग्यत हनम्न प्रक र
हनध ुररत की गयीः-

"1-पुस्तकालय नवज्ञान, सूचना नवज्ञान,
अनभलेखन नवज्ञान में परास्नातक नडग्री अर्थवा समकक्ष
व्यावसानयक नडग्री कम से कम प्रर्थम श्रेणी में उत्तीणष
अर्थवा समकक्ष योग्यता तर्था लगातार उत्कर्ष शैक्षनणक
प्रदशषन के सार्थ ही पुस्तकालय के कम्प्यूटरीकरण का
ज्ञान;
2- नवश्वनवद्यालय अनुदान आयोग द्वारा
संचानलत राष्ट्िीय स्तर परीक्षा में उत्तीणष होना अर्थवा
नवश्वनवद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अनुमोनदत अन्य
समकक्ष परीक्षा।"

5. हदन ांक 09.06.2021 को श्री र ज्यप ि
मिोदय, उ०प्र० ने ि रतीय सांहिध न के अनुच्छेद 309 द्व र प्रदत्त
शहक्तयों क प्रयोग करते ि ए उ०प्र० तकनीकी हशक्ष (अध्य पन)
सेि में िहतुयों तथ क युरत कहमुयों की सेि शतों के सांबांध में
उ०प्र० तकनीकी हशक्ष (अध्य पन) सेि हनयम ििी 2021
प्रख्य हपत की, जो तुरांत प्रि िी िो गयी। र जकीय पॉिीटेहक्नक में
पुस्तक िय ध्यक्ष क पद हनयम ििी के हनयम-5 की श्रेणी-6 में
अांहकत िै, हजसक िती क स्रोत शत-प्रहतशत उ०प्र० िोक सेि
आयोग द्व र की गयी सीधी िती से िै। इस पद के हिए अिुत तथ
शैहक्षक योग्यत ि रतीय तकनीकी हशक्ष पररषद द्व र
पुस्तक िय ध्यक्ष के पद के हिए हनध ुररत शतों के अनुस र िोगी।
पुस्तक िय ध्यक्ष क प्र रहम्िक िेतनम न रु० 56,100/-,
िेतनम न स्तर 9ए हनध ुररत हकय गय तथ अगि िेतन स्तर
श सन देश हदन ांक 16.03.2020 के प्र हिध नों के अनुस र िोग ।
पुस्तक िय ध्यक्ष के हिए धयूनतम शैहक्षक योग्यत पुस्तक िय
हिज्ञ न में प्रथम श्रेणी के स थ पर स्न तक उप हध तथ कम्प्यूटर के
ज्ञ न सहित िग त र उत्कषु शैक्षहणक प्रदशुन तथ हिश्हिद्य िय
अनुद न आयोग द्व र सांच हित र ष्रीय स्तर परीक्ष उत्तीणु िोन
अथि हिश्हिद्य िय अनुद न आयोग द्व र अनुमोहदत कोई अधय
समकक्ष परीक्ष उत्तीणु िोन िै।

6. उक्त हनयम ििी में यि प्र हिध न िै हक जो
पुस्तक िय ध्यक्ष हदन ांक 01.01.1996 तथ 15.03.2000
के बीच हडप्िोम स्तर के सांस्थ न में उस समय प्रि िी िती
1488 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
हनयम ििी के अनुस र हनयुक्त ि आ थ , यहद िि ि रतीय तकनीकी
हशक्ष पररषद द्व र हनध ुररत धयूनतम शैहक्षक योग्यत ध रण कर िेत
िै, तो उसे सी०ए०एस० (कैररयर एडि ांसमेंट स्कीम) के अांतगुत
अगिे उच्च स्तर पर िती करने के हिए हिच र हकय ज एग ।

7. इसके उपर धत उ०प्र० िोक सेि आयोग ने
हिज्ञ पन सांख्य -A-7/E1/2021, हदन ांक 15.09.2021
उ०प्र० प्र हिहधक हशक्ष (अध्य पन) सेि परीक्ष 2021 िेतु
प्रक हशत हकय , हजसमें अधय कई पदों के स थ पुस्तक िय ध्यक्ष के
87 पद सहम्महित थे। पुस्तक िय ध्यक्ष के हिए योग्यत पुस्तक िय
हिज्ञ न में कम से कम प्रथम श्रेणी के स थ स्न तकोत्तर उप हध य
उसके समकक्ष और कम्प्यूटर ज्ञ न के स थ हनरांतर उत्कृष्ट शैक्षहणक
प्रदशुन, हिश्हिद्य िय अनुद न आयोग द्व र सांच हित र ष्रीय स्तर
की परीक्ष अथि हिश्हिद्य िय अनुद न आयोग द्व र अनुमोहदत
अधय समकक्ष परीक्ष उत्तीणु िोन आिश्यक थ । स थ िी स थ यि
िी कथन थ हक हडप्िोम स्तरीय सांस्थ नों के हिए ऐसे
पुस्तक िय ध्यक्ष, हजनकी िती हडप्िोम स्तरीय सांस्थ नों में
हिद्यम न िती हनयम ििी के स थ हदन ांक 01.01.1996 और
हदन ांक 15.03.2000 के मध्य ि ई िै, ज्येष्ठ िेतनम न के म त्
अगिे उच्चतर ग्रेड में सी०ए०एस० (कैररयर एडि ांसमेंट स्कीम) के
अधीन उच्चीकरण िेतु हिच र हकय ज एग , यहद िे धयूनतम शैहक्षक
योग्यत ध रण करते िों।

8. जब चयहनत अभ्यहथुयों को हनयुहक्त प्र प्त निीं ि ई
तो, कुछ चयहनत अभ्यहथुयों ने इस धय य िय में ररट-ए सांख्य -
5390 िषु 2020 योहजत करके हनदेशक तकनीकी हशक्ष ,
उ०प्र० को 13 य हचक कत ुओां को चयन सूची हदन ांक
10.12.2021 के आध र पर हनयुहक्त देने क अनुरोध हकय ।
स थ िी उन य हचक कत ुओां ने उ०प्र० िोक सेि आयोग द्व र ज री
हिज्ञ पन हदन ांक 15.09.2021 को िी चुनौती दी। यि ररट
य हचक हदन ांक 05.12.2022 के हनणुय से स्िीक र करते ि ए
हिपक्षीगण को यि हनदेश हदय गय हक उ०प्र० अधीनस्थ सेि
चयन आयोग द्व र प्रक हशत पररण म हदन ांक 10.12.2021
के िम में एक म ि के अांदर हनयुहक्तय ाँ प्रद न करें (यहद इसके
हिरुद्ध कोई अधय हिहधक ब ध न िो)। आदेश में यि िी कहथत
िै हक यहद र ज्य के कोई प्र हधक री इससे हिधन मत के िों, तो
िि इसी अिहध में हनणुय में की गयी हटप्पहणयों को दृहष्टगत रखते
ि ए उपरोक्त अिहध में िी अपन हनणुय िें तथ ऐसी पररहस्थहत में
पक्षक रों के अहधक र हिपक्षी सांख्य -1, र ज्य सरक र के हनणुय
के अधीन िोंगे।

9. उक्त आदेश क अनुप िन न िोने पर
य हचक कत ुगण ने कांटेम्प्ट प्र थुन पत् सांख्य -419 िषु 2019
प्रस्तुत हकय , हजसके उपर धत हिपक्षी सांख्य -1 ने आिोच्य आदेश
हदन ांक 23.03.2024 प ररत करके य हचक कत ुगण क द ि
हनरस्त कर हदय िै। उक्त आदेश हदन ांक 23.03.2024 में यि
अांहकत िै हक ररट ए सांख्य -5390 िषु 2022 में प ररत आदेश
हदन ांक 05.12.2022 के हिरुद्ध इस धय य िय के समक्ष हदन ांक
18.01.2023 को हिशेष अपीि सांख्य -65 िषु 2023 प्रस्तुत
की गयी िै, हकधतु धय य िय की व्यस्तत के क रण हिशेष अपीि
पर सुनि ई सांिि निीं िो प रिी िै। इस बीच अिम नन ि द
सांख्य -419 िषु 2024 में हदन ांक 05.03.2024 को आदेश
प ररत करते ि ए एक म ि से अनहधक समय ररट य हचक में प ररत
आदेश हदन ांक 05.12.2022 के अनुप िन के हिए हदय गय
तथ कांटेम्प्ट य हचक हदन ांक 15.04.2024 के हिए हनयत कर
दी गयी।

10. आदेश हदन ांक 23.03.2024 में यि िी
कहथत िै हक हिि ग के कहतपय क हमुकों द्व र उ०प्र० र ज्य के
हडप्िोम स्तरीय सांस्थ नों में अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष
पररषद की सांस्तुहतओां के अनुरूप स्ट फ स्रक्चर, हशक्षकों एिां अधय
शैक्षहणक स्ट फ जैसे पुस्तक िय ध्यक्ष पद की शैहक्षक अिुत तथ
िेतनम न आहद के म पदांड ि गू हकये ज ने िेतु इस धय य िय के
समक्ष ररट य हचक सांख्य -13727 िषु 1991, फेडरेशन ऑफ
इहण्डयन प िीटेहक्नक टीचसु आगुन इजेशन बन म उ०प्र० र ज्य
योहजत की गयी थी, जो हदन ांक 11.04.2001 को हनणीत ि ई।
आदेश हदन ांक 11.04.2001 क अनुप िन न िोने के क रण
अिम नन य हचक सांख्य -41 िषु 2013 योहजत ि ई, हजसमें
प ररत आदेश हदन ांक 07.10.2017 ि 24.11.2017 के
अनुप िन
में
श सन देश
सांख्य -709/16-2-22018138(डब्िू)/99, हदन ांक 03.05.2018 हनगुत करके उ०प्र०
र ज्य की हडप्िोम स्तरीय सांस्थ ओां में अहखि ि रतीय तकनीकी
हशक्ष पररषद द्व र सांस्तुत शैहक्षक अिुत , पदन म, िेतनम न एिां
अधय सेि शतों को ि गू हकये ज ने िेतु हनगुत हिहनयम 2010
प्रि िी हकये गये।

11. तकनीकी हशक्ष में हशक्षकों एिां अधय शैक्षहणक
स्ट फ जैसे पुस्तक िय तथ श रीररक हशक्ष क हमुकों की हनयुहक्त के
हिए िेतनम न, सेि शतें और धयूनतम अिुत एां तथ तकनीकी
हशक्ष में म नकों के अनुरक्षण के हिए उप यों पर अि तहशप
(हडप्िोम ) हिहनयम, की अहधसूचन हदन ांक 01.03.2019 को
7 All. Kamal Nayan Singh & Ors. Vs. State of U.P. & Ors.
1489
प्रक हशत ि ई, जो हदन ांक 01.01.2016 से प्रि िी की गयी,
हजसके प्रस्तर 1.4(क), (ख), एिां (च) में हनम्नित् प्र हिध न िैंः-

"1.4 सेवा शतों के प्रभावी होने की
तारीख
(क) अन्य सभी सेवा शतें नजनमें योग्यता,
अनुभव, भती, प्रोन्ननतयां आनद शानमल हैं, इस राजपत्र
अनधसूचना की तारीख से प्रभावी होंगी।
(ख) 01.01.2016 से इस राजपत्र
अनधसूचना के जारी होने तक योग्यताएं, अनुभव, भती,
प्रोन्ननतयााँ आनद अनखल भारतीय तकनीकी नशक्षा
पररर्द् तकनीकी संस्र्थाओं (नडप्लोमा) में नशक्षकों तर्था
अन्य शैक्षनणक स्टॉि के नलए वेतनमान, सेवा शतें और
अहषताएं नवननयम, 2010 नदनांक 05 माचष 2010
तर्था समय-समय पर जारी पश्चातवती अनधसूचनाओं
द्वारा प्रशानसत की जाएगी।
(च) ऐसे मामलों में, जहां नवज्ञापन
प्रकानशत नकया गया र्था, आवेदन आमंनत्रत नकए गए
र्थे, परन्तु साक्षात्कार इस अनधसूचना के प्रकाशन तक
संचानलत नहीं नकए गए, संस्र्थानों/ननयोजकों से अपेनक्षत
है नक वे शुनद्धपत्र प्रकानशत करें और आवेदनों का
प्रक्रमण इस अनधसूचना में नदए गए उपबंधों के अनुसार
नकया जाए।"

12. हिहनयम 2019 को श सन देश हदन ांक
16.03.2020 द्व र ि गू हकये ज ने क हनणुय हिय गय िै।
तत्पि त् सांहिध न के अनुच्छेद 309 के परधतुक द्व र प्रदत्त शहक्तयों
क प्रयोग करते ि ए इस हिषय पर समस्त हिद्यम न हनयमों एिां
आदेशों क अहतिमण करके श सन की अहधसूचन हदन ांक
09.06.2021 द्व र उ०प्र० प्र हिहधक हशक्ष (अध्य पन) सेि
हनयम ििी 2021 द्व र सेि में व्यहक्तयों की हनयुहक्त, शैहक्षक
अिुत , िेतनम न और सेि शतों को हिहनयहमत करने के हिए
हनयम प्रख्य हपत हकये गये, हजसके अनुस र पुस्तक िय ध्यक्ष पद
िेतु शैहक्षक अिुत , िेतनम न, िती क स्रोत आहद हनम्नित् िैः-

पूिु हिद्यम न
हनयमों
के
अनुस र
पुस्तक िय
ध्यक्ष पद की
हनध ुररत
िेतनम
न
ि
िती
क
स्रोत
उत्तर
प्रदेश
प्र हिहधक
हशक्ष
(अध्य पन)
सेि
हनयम ििी-2021
के अनुस र शैहक्षक
िेतनम न
ि
िती क स्रोत
अिुत
अिुत
स्न तक
उप हध
के
स थ
ि इब्रेरी
स इांस
में
हडप्िोम ।
(एक)
प्र देहशक
सेन
में
धयूनतम 02
िषु
की
अिहध तक
की सेि की
िो, य (दो)
र ष्रीय कैडेट
कोर
क
"बी"
प्रम ण-पत्
प्र प्त हकय
िो।
िेतनम
न5200
-
2020
0 एिां
ग्रेड
िेतन
रु०2800
/-िती
क
स्रोतउत्तर
प्रदेश
अधीन
स्थ
सेि
चयन
आयोग
,
िखन
ऊ।
1-
पुस्तक िय
हिज्ञ न में कम से
कम प्रथम श्रेणी के
स थ
स्न तकोत्तर
उप हध य उसके
समकक्ष
और
कम्प्यूटर ज्ञ न के
स थ हनरधतर उत्कृष्ट
शैक्षहणक अहििेख।
2-
यू०जी०सी०
द्व र उक्त प्रयोजन थु
सांच हित र ष्रीय की
परीक्ष
अथि
यू०जी०सी
द्व र
यथ
अनुमोहदत
अधय
समकक्ष
परीक्ष में अिुत िो।
िेतनम नप्रहिहष्ट
िेतन
56,100
िेििः
9क
अगि िेतन
िेिि
श सन देश
सांख्य -
474/सोिि-
2-2020138(डब्िू)/
99, हदन ांक16.03.20
में हदये गये
उपबांध
के
अनुस र
अनुज्ञेय िै।
िती क स्रोतउत्तर
प्रदेश
िोक
सेि
आयोग,
प्रय गर ज।

(क)
हडप्िोम
स्तरीय सांस्थ ओां के
हिये
ऐसे
पुस्तक िय ध्यक्ष,
हजनकी
िती
हडप्िोम
स्तरीय
सांस्थ ओां
में
हिद्यम न
िती
हनयम ििी के स थ
हदन ांक
01.01.1996
और
15.03.2000के
मध्य ि ई िो, ज्येष्ठ
िेतनम न के म त्
अगिे उच्चतर ग्रेड
में सी०ए०एस० के
अधीन उच्चीकरण
िेतु हिच रगत हकये
1490 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
ज येंगे।
तथ हप
सी०ए०एस०
के
अधीन अग्रेतर उच्च
सांचिन िेतु उनसे
उसी रीहत से धयूनतम्
शैहक्षक
अिुत
अहजुत हकय ज न
अपेहक्षत
िोग ,
जैस हक
ए०आई०सी०टी०ई०
अहधसूचन -2000
(उप हध)
और
अनुिती
स्पष्टीकरणों/अहधसू
चन ओां में हनध ुररत
िै।

(ख) स्न तक स्तरीय
सांस्थ ओां के हिये
यथोक्त।

13. अिम नन य हचक सांख्य -41 िषु 2013 में
प ररत आदेश हदन ांक 07.10.2017 एिां 24.11.2017 में
हिहधक कहठन ईयों को दृहष्टगत रखते ि ए िोकसेि आयोग द्व र
प्रक हशत हिज्ञ पन हदन ांक 30.12.2017 में हिहिधन पदों पर
चयन/िती की क युि िी को स्थहगत रखे ज ने िेतु श सन के पत्
हदन ांक 18.01.2018 द्व र िोक सेि आयोग से अनुरोध हकय
गय थ । तत्पि त् हनगुत उ०प्र० प्र हिहधक हशक्ष (अध्य पन) सेि
हनयम ििी, 2021 के प्र हिध नों के अनुस र उपरोक्त पदों को
सहम्महित करते ि ए श सन के पत् हदन ांक 25.06.2021 द्व र
प्रध न च यु/व्य ख्य त (हिहिधन हिषय), कमुश ि अधीक्षक ि
पुस्तक िय ध्यक्ष के कुि 1357 ररक्त पदों क सांशोहधत
अहधय चन िोक सेि आयोग को प्रेहषत हकय गय , हजसमें
पुस्तक िय ध्यक्ष के कुि 87 पद िी सहम्महित थे। उक्त के आध र
पर उ०प्र० िोक सेि आयोग, प्रय गर ज के हिज्ञ पन हदन ांक
15.09.2021 द्व र िती िेतु सांशोहधत हिज्ञहप्त प्रक हशत करते
ि ए चयन की प्रहिय सांपधन कर यी ज रिी िै। उक्त के िम में िी
हनदेश िय के पत् हदन ांक 14.09.2016 द्व र उ०प्र० अधीनस्थ
सेि चयन आयोग को हिहिधन पदों के स थ पुस्तक िय ध्यक्ष के
69 पद िेतनम न रु०-5,200-20200/- एिां ग्रेड िेतन रु०2,800/- िेतु प्रेहषत अहधय चन में से पुस्तक िय ध्यक्ष के पद के
हिज्ञ पन/चयन/िती की क युि िी को स्थहगत रखे ज ने िेतु
हनदेश िय के पत् हदन ांक 12.02.2018 एिां 16.02.2018
द्व र अनुरोध हकय गय थ । उक्त के पि त् िी हनदेश िय के
हिहिधन पत्ों हदन ांक 28.07.2018, 11.12.2018,
16.12.2018,
30.05.2019,
04.09.2019,
19.02.2021 तथ 23.10.2021 द्व र उ०प्र० अधीनस्थ
सेि चयन आयोग को उपरोक्त िहणुत हस्थहत से अिगत कर ते ि ए
पुस्तक िय ध्यक्ष बैण्ड िेतनम न रु०-5,200-20,200/- एिां
ग्रेड िेतन रु०-2,800/- के ररक्त 69 पदों पर हिज्ञ पन/चयन/िती
की क युि िी को स्थहगत हकये ज ने िेतु क य ुिय सहचि, उ०प्र०
अधीनस्थ सेि चयन आयोग, िखनऊ से हनरांतर पत् च र हकय
गय , हकधतु उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग, िखनऊ द्व र
हनदेश िय के सांदहिुत पत्ों को सांज्ञ न में निीं हिय गय एिां
पुस्तक िय ध्यक्ष के पदों पर चयन िेतु हिहखत परीक्ष हदन ांक
28.07.2019 को कर यी गयी तथ हदन ांक 13.10.2020
को स क्ष त्क र िेतु पररण म हनगुत हकय गय । हदन ांक
01.12.2020 से हदन ांक 24.12.2020 तक स क्ष त्क र हकये
गये तथ उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग ने हदन ांक
12.12.2021 को चयन पररण म घोहषत कर हदय , परधतु
अधीनस्थ सेि चयन आयोग ने चयहनत अभ्यहथुयों को हनयुक्त करने
िेतु हिि ग को कोई सांस्तुहत उपिब्ध निीं कर यी िै।

14. आदेश हदन ांक 23.03.2024 में अांहकत िै
हक उपरोक्त हस्थहत से स्पष्ट िै हक पूिु में उ०प्र० प्र हिहधक हशक्ष
र जपहत्त अहधक री सेि हनयम ििी 1990, यथ सांशोहधत
1998 के अनुस र पुस्तक िय ध्यक्ष के हिए हनध ुररत अिुत नुस र
उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग को चयन कर ये ज ने की
सांस्तुहत प्रेहषत की गयी थी, परधतु प्र हिहधक हशक्ष हिि ग
(हडप्िोम सेक्टर) के अांतगुत अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष
पररषद् के हिहनयम ि गू िोने के उपर धत पुस्तक िय ध्यक्ष पद की
अिुत एिां िेतनम न पररिहतुत तथ उच्चीकृत िो ज ने के क रण
उक्त पद िोक सेि आयोग की पररहध में आने के क रण पूिु में
उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग को प्रेहषत पुस्तक िय ध्यक्ष के
पदों को सहम्महित करते ि ए अहधय चन उ०प्र० िोक सेि आयोग
को प्रेहषत हकय गय , हजसके सांबांध में आयोग द्व र हिहखत परीक्ष
क आयोजन कर चयन की क युि िी सांप हदत की ज रिी िै। इस
पररहस्थहत में य चीगण के प्रत्य िेदन में उठ ए गये हबधदु हनरस्त कर
हदये गये।

15. उक्त आदेश की िैधत को चुनौती देते ि ए
य हचक कत ुगण के हिद्व न िररष्ठ अहधिक्त श्री अशोक खरे ने तकु
हदय हक हिपक्षी सांख्य -1 द्व र प ररत आिोच्य आदेश हदन ांक
7 All. Kamal Nayan Singh & Ors. Vs. State of U.P. & Ors.
1491
23.03.2024 इस धय य िय द्व र प ररत ररट य हचक -ए सांख्य -
5390 िषु 2022 में प ररत हनणुय तथ आदेश हदन ांक
05.12.2022 में की गयी हटप्पहणयों के हिपरीत िैं, जबहक इस
धय य िय ने यि आदेहशत हकय थ हक आदेश हदन ांक
05.12.2022 में की गयी हटप्पहणयों को ध्य न में रखते ि ए
आदेश प ररत हकय ज एग । इस धय य िय द्व र हनणीत हकये गये
हबधदु हिपक्षी सांख्य -1 पर ब ध्यक री िैं और इस धय य िय द्व र
हनणीत हबधदुओां के हिरुद्ध प ररत हकय गय आदेश अिैध हनक िै
तथ हनरस्त हकये ज ने योग्य िै।

16. ररट-ए य हचक सांख्य -7788 िषु 2024 के
य हचक कत ुगण के हिद्व न अहधिक्त श्री अहखिेश हत्प ठी ने
सांहक्षप्त हिहखत कथन प्रस्तुत हकये िैं, हजसमें उधिोंने कि िै हक
उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग द्व र प्र रम्ि की गयी चयन
प्रहिय चयन िेतु हिज्ञ पन प्रक शन िोने की हतहथ को ि गू हनयमों
के अनुस र िी पूणु की ज नी च हिए। यहद हजन पदों के हिए पूिु में
हिज्ञ पन प्रक हशत ि आ थ , उधिें एक मृत सांिगु घोहषत कर हदय
गय थ तो िी पििे से प्र रम्ि िो चुकी चयन प्रहिय को पूणु हकय
ज न आिश्यक िै। र ज्य सरक र ने 2016 में प्र रम्ि ि ई चयन
प्रहिय के हिए िेजे गये अहधय चन को अथि चयन प्रहिय को
हनरस्त निीं हकय िै तथ ऐसी पररहस्थहत में चयन प्रहिय के
पररण मस्िरूप चयहनत अभ्यहथुयों को हनयुहक्त दी ज नी च हिए।

17. इसके हिपरीत र ज्य-सरक र की तरफ से हिद्व न
अपर मि हधिक्त श्री अशोक मेित ने तकु हदय हक यद्यहप इस
धय य िय ने ररट-ए सांख्य - 5390 िषु 2022 में प ररत आदेश
हदन ांक 05.12.2022 द्व र य हचक कत ुगण को उ०प्र०
अधीनस्थ सेि चयन आयोग द्व र घोहषत पररण म हदन ांक
10.12.2021 के िम में हनयुहक्त देने क हनदेश हदय थ , हकधतु
इसके स थ िी इस धय य िय ने यि िी कि थ हक यहद र ज्य के
प्र हधक री हकसी हिधन मत के िों, तो िि धय य िय द्व र की गयी
हटप्पहणयों को ध्य न में रखते ि ए अपन हनणुय देने के हिए स्ितांत्
िोंगे तथ पक्षक र र ज्य-सरक र के प्र हधक री द्व र हिये गये हनणुय
से ब ध्य िोंगे।

18. हिद्व न अपर मि हधिक्त क तकु िै हक आदेश
हदन ांक 05.12.2022 में इस धय य िय ने हिपक्षीगण इस
धय य िय के मत से हिधन मत रखते ि ए आदेश प ररत करने की छूट
दी थी तथ ऐसी पररहस्थहत में आिोच्य आदेश हदन ांक
23.03.2024 म त् इस आध र पर अिैध निीं िो ज त िै हक
उसमें इस धय य िय द्व र हदन ांक 05.12.2022 में हदये ज रिे
मत से हिधन मत हिय गय िै।
19. हिद्व न अपर मि हधिक्त ने यि िी तकु हदय हक
अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष पररषद् के हिहनयम ि गू िोने के
पि त् पुस्तक िय ध्यक्ष पद की अिुत एिां िेतनम न पररिहतुत िो
ज ने के क रण उक्त पद िोक सेि आयोग की पररहध में आ ज ने के
क रण पूिु में पुस्तक िय ध्यक्ष के हजन पदों के सांबांध में उ०प्र०
अधीनस्थ सेि चयन आयोग को अहधय चन प्रेहषत हकय ज चुक
थ , उनको सहम्महित करते ि ए उ०प्र० िोक सेि आयोग द्व र
चयन की क युि िी सांप हदत की ज रिी िै। हजन पदों के सांबांध में
उ०प्र० िोक सेि आयोग द्व र चयन प्रहिय चि यी ज रिी िै,
उनके सांबांध में देय िेतनम न तथ हनध ुररत योग्यत एिां अिुत उन
पदों के हिए योग्यत तथ अिुत हिधन िैं, हजनके सांबांध में
य हचक कत ुगण ने उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग को
प्र थुन पत् हदय थ ।

20. हिद्व न अपर मि हधिक्त ने यि िी तकु हदय हक
ररट य हचक सांख्य -6738 िषु 2024 में य हचक कत ु सांख्य -3
जयिीर हसांि, य हचक कत ु सांख्य -6 र ि ि य दि तथ
य हचक कत ु सांख्य -8 सांगीत देिी ने उ०प्र० िोक सेि आयोग
द्व र हकये ज रिे चयन में प्रहति ग हकय िै तथ उनकी तरफ से
प्रस्तुत ररट य हचक पोषणीय निीं िै।

21. सांिग्न ररट य हचक सांख्य -7788 िषु 2024
के सांबांध में हिद्व न अपर मि हधिक्त क तकु िै हक इस ररट
य हचक के य चीगण ररट-ए सांख्य -5390 िषु 2022 में पक्षक र
निीं थे तथ उक्त ररट य हचक में प ररत हनणुय हदन ांक
05.12.2022 क िे य चीगण कोई ि ि निीं िे सकते िैं
क्योंहक हनणुय हदन ांक 05.12.2022म त् ररट-ए सांख्य -5390
िषु 2022 के पक्षक रों के सांबांध में प ररत हकय गय थ ।

22. जि ाँ तक य हचक कत ु सांख्य -3, 6 तथ 8
द्व र प्रस्तुत ररट य हचक की पोषणीयत क प्रश्न िै, म त् इस आध र
पर, हक उन य हचक कत ुगण ने उ०प्र० िोक सेि आयोग द्व र
प्रक हशत पदों के सांबांध में आिेदन हकय िै, उनक आदेश हदन ांक
23.03.2024 की िैधत को चुनौती देने क अहधक र सम प्त
निीं िो ज त िै तथ धय य िय हिद्व न अपर मि हधिक्त के इस तकु
से सिमत निीं िै।

23. इस धय य िय को आदेश हदन ांक
23.03.2024 की िैधत प्रकरण के समस्त तथ्यों एिां
पररहस्थहतयों तथ सांगत हिहध-व्यिस्थ को दृहष्टगत रखते ि ए तय
करनी िोगी।
1492 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
24. ररट-ए सांख्य -5390 िषु 2022 में प ररत
हनणुय हदन ांक 05.12.2022 में इस धय य िय ने नहमािल
प्रदेश राज्य तर्था अन्य बनाम राजकुमार तर्था अन्य (2023)
3 एस०सी०सी० 773 के हनणुय क आश्रय हिय िै, हजसमें
म ननीय उच्चतम धय य िय ने इस प्रश्न को हनणीत हकय हक क्य
हनयमों में सांशोधन िोने के पूिु ररक्त ि ए पदों पर हनयुहक्त असांशोहधत
हनयमों के अनुस र िोनी च हिए य नए सांशोहधत हनयमों के स थ
िोनी च हिए। इस सांबांध में वाई०वी० रांगैया बनाम जे० श्रीननवास
राव (1983) 3 सुप्रीम कोटु केसेस 284 में म ननीय उच्चतम
धय य िय ने यि हनणीत हकय थ हक जो ररहक्तय ाँ हनयमों में सांशोधन
के पूिु की िैं, उधिें पुर ने असांशोहधत हनयमों के अनुस र िी िर
ज न च हिए। इसके पि त उच्चतम धय य िय ने कई हनणुय रांगैय
हनणुय प्रकरण के अनुस र हदये। र जकुम र के उपरोक्त हनणुय में
म ननीय उच्चतम धय य िय ने िोक पदों के सांबांध में हनम्नहिहखत
हसद्ध ांत स्पष्ट हकये िैंः-

1- जब तक संनवधान में कोई नवशेर्
प्रानवधान न हो, संघ अर्थवा राज्य के अधीन नकसी
लोक सेवा में कायषरत व्यनक्त राष्ट्िपनत अर्थवा राज्यपाल
की इच्छानुसार पद धाररत करता है (अनुच्छेद 310)।
इच्छा तक पद धाररत करना राज्याधीन सेवाओं के
संबंध में लोकनहत की संवैधाननक नीनत है, जो जननहत
के उद्देश्य से बनायी गयी है।
2- भारत संघ तर्था इसके राज्य सेवा में
भती, सेवा शतों, सेवा अवनध तर्था सेवा समानप्त के
संबंध में भारतीय संनवधान के अनुच्छेद 309,
310 तर्था 311 के अनुसार नवनधयााँ तर्था
ननयमावली बनाने में सक्षम हैं। पक्षों के अनधकार
तर्था कतषव्य उनकी सहमनत पर ननभषर करते हैं,
अनपतु नवनध द्वारा प्रदत्त अनधकारों तर्था कतषव्यों द्वारा
उनका नवनधक संबंध ननधाषररत होता है। इस प्रकार
लोक सेवा एक नवनधक स्तर प्रदान करती है, जो नक
पक्षकारों को एक अनुबंध से नमलने वाले अनधकारों
से नभन्न है।
3- नवनधक स्तर की नवशेर्ता नवनध द्वारा
स्र्थानपत अनधकार एवं कतषव्य हैं, जो नक सरकार द्वारा
एक तरिा रूप से, नबना कमषचारी की सहमनत नलये
हुए, बदले अर्थवा संशोनधत नकये जा सकते हैं।
4- सरकार तर्था इसके कमषचाररयों के बीच
के ररश्ते ननयमों से ही शानसत होते हैं तर्था ननयमों के
प्रानवधानों से परे कोई अनधकार नहीं होते हैं।
5- सरकार द्वारा की जा रही नकसी भती
प्रनक्रया में नकसी को ननयुनक्त प्राप्त करने का कोई
अनधकार नहीं होता है तर्था मात्र उनचत रूप से भती हेतु
नवचार नकये जाने का अनधकार होता है। भती प्रनक्रया
भी इस संबंध में बनाये गये ननयमों के अनुसार होती है।
6- नकसी भी लोक सेवक की सेवा की
शतें, नजनमें पदोन्ननत तर्था ज्येष्ठता आनद सनम्मनलत हैं,
संगत ननयमों से शानसत होती हैं। ननयमों से इतर सेवा
शतों के संबंध में कोई भी अनधकार नननहत नहीं होते हैं।
7- सेवा शतों के संबंध में नवनधयााँ बनाने
के सार्थ ही सरकार भी उन ननयमों के प्रानवधानों से
समान रूप से बाध्य होती हैं। सेवा शतों के संबंध में
बनाये गये ननयमों से परे सरकार को भी कोई
नववेकानधकार नहीं होता है तर्था सरकार के कृत्यों की
न्यानयक समीक्षा की जा सकती है।

25. र जकुम र के उपरोक्त हनणुय में म ननीय उच्चतम
धय य िय ने यि कि हक ि ई०िी० रांगैय क हनणुय सिी हिहध
हनध ुररत निीं करत िै तथ उसमें प्रहतप हदत हिहधक हसद्ध ांत को
हनरस्त कर हदय गय ।

26. र जकुम र के हनणुय में 15 ऐसे हनणुयों की
समीक्ष की गयी, हजनमें रांगैय प्रकरण के हनणुय से हिधन मत हिय
गय थ तथ म ननीय उच्चतम धय य िय ने हनम्नहिहखत हसद्ध ांत
प्रहतप हदत हकये;

"1- ऐस कोई स िुिौहमक हनयम निीं िै
हक ररहक्तय ाँ उसी हनयमों के आध र पर िरी ज ए, जो
ररहक्त उत्पधन िोने की हतहथ को प्रि िी थे तथ रांगैय
हनणुय को उस प्रकरण में सांगत हनयमों के आिोक में िी
पढ़ ज न च हिए।
2- यि हिहध क सुस्थ हपत हसद्ध ांत िै हक
एक अभ्यथी को ितुम न हनयमों के आिोक में हनयुहक्त
िेतु हिच र हकये ज ने क अहधक र िै। ितुम न हनयमों
से त त्पयु उन हनयमों से िै जो हिच र हकये ज ने के
समय प्रि िी िों। पदोधनहत के हिए हिच र में रखे ज ने
क अहधक र उस हदन ांक को उत्पधन िोत िै, हजस
हदन ांक को अधय अिु अभ्यहथुयों के सांबांध में हिच र
हकय ज रि िो।
3- सरक र को यि अहधक र िै हक िि
सोच-समझकर यि नीहतगत हनणुय िे हक सांशोधन के
पूिु उत्पधन ि ई ररहक्तयों को निीं िर ज एग । ऐस
नीहतगत हनणुय हिये ज ने की हस्थहत में हकसी िी
7 All. Kamal Nayan Singh & Ors. Vs. State of U.P. & Ors.
1493
अभ्यथी को यि अहधक र निीं िोग हक िि नए
नीहतगत हनणुय के ब द िी पुर ने हनयमों के अनुस र
िती म ाँगे। हकसी इक ई में अहधक प्रि िी ढांग से क यु
करि ने के उद्देश्य से उत्पधन हस्थहत में सरक र क यि
द हयत्ि निीं िै हक िि पुर ने हनयमों के अांतगुत कोई िी
हनयुहक्त करे। म त् इतन अहनि यु िै हक सरक र क
नीहतगत हनणुय उहचत तथ सक रण िो एिां सांहिध न के
अनुच्छेद 14 की कसौटी पर खर उतरे।
4- रांगैय प्रकरण क हनणुय म त् इस क रण
से ि गू निीं हकय ज सकत हक पदों क गठन िो
चुक थ , क्योंहक पदों पर हनयुहक्त करन हनयोजक
अहधक री के हिए अहनि यु निीं िोत िै।
5- र ज्य क ऐस कोई िैध हनक द हयत्ि
निीं िै हक हनयमों में सांशोधन के पूिु उत्पधन ि ई ररहक्तयों
पर हनयुहक्त के हिए हिच र हकय ज ए तथ र ज्य को
ऐस करने के हिए कोई हनदेश निीं हदय ज सकत
िै।"

27. आसाम लोक सेवा आयोग बनाम प्राांजल
कुमार समाव, (2020) 20 एस०सी०सी० 680 के हनणुय में
म ननीय उच्चतम धय य िय ने यि हनणीत हकय हक कोई िी चयन
प्रहिय चयन प्रहिय प्र रम्ि िोने के हदन प्रि िी हनयमों के अनुस र
पूरी की ज नी च हिए तथ हकसी अभ्यथी को चयन प्रहिय के
दौर न हनयमों में सांशोधन द्व र उसके चयन िेतु हिच र हकये ज ने के
अहधक र से िांहचत निीं हकय ज सकत , जब तक हक सांशोधन पूिु
समय से प्रि िी िोने क कोई प्र हिध न न िो।

28. रामजीत नसांह कदवम बनाम सांजीव कुमार
तर्था अन्य, (2020) 20 एस०सी०सी० 209 में म ननीय
उच्चतम धय य िय ने यि कि हक िोक सेि िेतु अभ्यहथुयों क
चयन करते समय र ज्य क उद्देश्य िमेश यि िोत िै हक सबसे
अच्छे तथ उपयोगी व्यहक्त को हनयुहक्त हकय ज ए। म ननीय
उच्चतम धय य िय ने लीलाधर बनाम राजस्र्थान राज्य,
(1981) 4 सुप्रीम कोटु केसेस 159 क िि ि हदय , हजसमें
यि कि गय थ हक िोक सेि में हनयुहक्त िेतु चयन प्रहिय क
उद्देश्य यि हनहित करन िै हक सिुश्रेष्ठ तथ क यु के हिए सि ुहधक
उपयुक्त व्यहक्त क चयन हकय ज ए। िोक सेि में हनयुहक्त िेतु चयन
योग्यत के आध र पर िी हकय ज न च हिए।

29. िीि धर प्रकरण के उपरोक्त हनणुय को अशोक
कुमार यादव बनाम हररयार्ा राज्य, (1985) 4 सुप्रीम कोटु
केसेस 417 में िी पुष्ट हकय गय ।
30. म ननीय उच्चतम धय य िय ने तेज प्रकाश
पाठक बनाम राजस्र्थान उच्ि न्यायालय, (2013) 4 सुप्रीम
कोटु केसेस 540 क िी िणुन हकय , हजसके द्व र म ननीय
सिोच्च धय य िय के तीन म ननीय धय य धीशों की पीठ ने हदन ांक
20.03.2013 के आदेश से इस प्रश्न को िृिद् पीठ को सांदहिुत
हकय गय हक यद्यहप चयन प्रहिय प्र रम्ि िोने के पि त् चयन के
सांबांध में हनयम पररिहतुत करके चयन प्रहिय में िेर-फेर निीं हकय
ज सकत िै, हकधतु क्य यि हसद्ध ांत ऐसी पररहस्थहत में िी ि गू
िोग जब हनयमों में बदि ि द्व र चयन को और कहठन बन य ज
रि िो। म ननीय उच्चतम धय य िय के प ाँच म ननीय धय य धीशों ने
उक्त प्रकरण में हदन ांक 18.07.2023 को अांहतम सुनि ई करके
हनणुय सुरहक्षत रख हिय थ , हकधतु िृिद् पीठ क हनणुय अिी तक
प्रतीहक्षत िै।

31. ररट-ए सांख्य -5390 िषु 2022 के हनणुय
हदन ांक 05.12.2022 में अांहकत िै हक र ज्य की तरफ से यि
निीं दश ुय ज सक हक अहधय चन हकसी िी स्तर पर ि पस हिय
गय । उक्त हनणुय में कि गय हक यद्यहप यि सिी िै हक म त् चयन
से हकसी चयहनत अभ्यथी को हनयुहक्त प्र प्त करने क कोई अहधक र
हनहित निीं िो ज त िै, तथ हप चयन प्रहिय को म त् प्रश सहनक
अकमुण्यत अथि प्रश सहनक कृत्यों के अधूरेपन के क रण व्यथु
निीं ज ने देन च हिए।

32. ररट-ए सांख्य -5390 िषु 2022 के हनणुय में
इस धय य िय ने यि कि हक उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग
द्व र चयन प्रहिय प्र रम्ि कर हदये ज ने के ब द अहखि ि रतीय
तकनीकी हशक्ष पररषद द्व र प्रख्य हपत हनयमों तथ उसके आध र
पर उ०प्र० श सन द्व र प्रख्य हपत हनयम ििी, 2021 में यि कहथत
निीं थ हक उपरोक्त हनयम िूतिक्षी प्रि ि के िोंगे। अतः उक्त
हनयमों के पििे से चि रिी चयन प्रहिय की िैधत पर कोई प्रि ि
निीं प़िेग । इस धय य िय ने यि िी कि हक नए हनयम ि गू िोने
के पि त िी र ज्य के अहधक ररयों ने कोई शुहद्धपत् प्रक हशत निीं
हकय । उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग को स्ितः िी
अहधय चन हनरस्त अथि सांशोहधत करने क कोई अहधक र प्र प्त
निीं थ तथ उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग द्व र चयन
प्रहिय ज री रखे ज ने में कोई अिैध हनकत निीं थी। जब उ०प्र०
अधीनस्थ सेि चयन आयोग चयन प्रहिय प्र रम्ि कर चुक थ ,
र ज्य के अहधक ररयों को उस चयन प्रहिय में िस्तक्षेप करने अथि
उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग को चयन प्रहिय को िांहबत
रखने क हनदेश देने क कोई हिहधक अहधक र प्र प्त निीं थ ।
अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष पररषद की हिज्ञहप्त हदन ांक
01.03.2019 में यि प्र हिध न िै हक जि ाँ हिज्ञ पन क प्रक शन
1494 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
िो चुक िै, आिेदन म ाँगे ज चुके िैं, हकधतु हिज्ञहप्त के प्रक शन तक
स क्ष त्क र निीं ि ए िैं, सांस्थ न/सेि योजक एक शुहद्धपत् प्रक हशत
करके हिज्ञहप्त हदन ांक 01.03.2019 के अनुस र प्र थुन पत्ों पर
क रुि ई कर सकते िैं, हकधतु प्रस्तुत प्रकरण में ऐस निीं हकय गय ।
इस धय य िय ने यि िी प य हक उ०प्र० तकनीकी हशक्ष
(अध्य पन) सेि हनयम ििी, 2021 के ि गू िोने क पििे से
चि रिी चयन प्रहिय पर कोई हिपरीत प्रि ि निीं प़ि ।

33. इस धय य िय ने यि िी कि हक र ज्य सरक र
की तरफ से प्रस्तुत प्रहत शपथपत् में यि कि गय िै हक र ज्य
सरक र के सहचि तकनीकी हशक्ष ने हदन ांक 18.01.2018 को
उ०प्र० िोक सेि आयोग के सहचि को नए हनयमों के ि गू िोने
तक कोई परीक्ष न कर ने को कि , हकधतु यि पत् उ०प्र० अधीनस्थ
सेि चयन आयोग को निीं िेज गय थ ।

34. रामजीत नसांह कदवम बनाम सांजीव कुमार,
(2020) 20 सुप्रीम कोटु केसेस 209 में म ननीय उच्चतम
धय य िय ने अिध ररत हकय हक चयन के आध रों को चयन
आयोग मनम ने तरीके से बदि निीं सकत िै। म ननीय उच्चतम
धय य िय ने तनमलनाडु कम्प्यूटर साइांस बी.एड. गवनवमेंट
वेलफेयर सोसायटी (1) बनाम हायर सेकेंडरी स्कूल कम्प्यूटर
टीिसव एसोनसएशन, (2009) 14 एस०सी०सी 517 के हनणुय
क आश्रय हिय , हजसमें यि कि गय थ हक चयन प्रहिय के
दौर न धयूनतम अिुत अांकों को पच स प्रहतशत से घट कर पैंतीस
प्रहतशत हकय ज न धय योहचत निीं थ । म ननीय उच्चतम धय य िय
ने तेज प्रकाश पाठक बनाम राजस्र्थान राज्य, (2013) 4
एस०सी०सी 540 के आदेश क िी िि ि हदय , हजसके द्व र
प्रकरण िृिद् पीठ को सांदहिुत हकय गय तथ हजसमें िृिद् पीठ क
हनणुय अिी िी प्रतीहक्षत िै। म ननीय उच्चतम धय य िय ने कि हक
ितुम न में हिहधक व्यिस्थ यि िै हक चयन करने ि िी सांस्थ
समय-समय पर मनम ने तरीके से चयन की शतें बदि निीं सकती।
र मजीत हसांि कदुम के प्रकरण में चयन की शतें इस प्रक र मनम ने
ढांग से बदिी गयी थी हक चयन क स्तर नीचे हगर गय थ , न हक
ऊपर उठ थ । ऐसी पररहस्थहत में म ननीय उच्चतम धय य िय ने
उच्च धय य िय के हनणुय, हजसके द्व र चयन प्रहिय प्र रम्ि िोने के
पि त चयन की शतों में बदि ि करके उनक स्तर नीचे हगर य
गय , को अनुहचत ठिर य थ , में िस्तक्षेप करने से अस्िीक र कर
हदय ।

35. िीि धर बन म र जस्थ न, र मजीत हसांि कदुम
बन म सांजीि कुम र तथ हिम चि प्रदेश र ज्य बन म र जकुम र के
हनणुयों में प्रहतप हदत हसद्ध तों क स र यि िै हक ऐस कोई
स िुिौहमक हनयम निीं िै हक ररहक्तय ाँ उसी हनयमों के आध र पर
िरी ज ए, जो ररहक्त उत्पधन िोने की हतहथ को प्रि िी थे। सरक र को
यि अहधक र िै हक िि सोच-समझकर यि नीहतगत हनणुय िे हक
सांशोधन के पूिु उत्पधन ि ई ररहक्तयों को निीं िर ज एग । ऐस
नीहतगत हनणुय हिये ज ने की हस्थहत में हकसी िी अभ्यथी को यि
अहधक र निीं िोग हक िि नए नीहतगत हनणुय के ब द िी पुर ने
हनयमों के अनुस र िती म ाँगे। हकसी इक ई में अहधक प्रि िी ढांग से
क यु करि ने के उद्देश्य से उत्पधन हस्थहत में सरक र क यि द हयत्ि
निीं िै हक िि पुर ने हनयमों के अांतगुत कोई िी हनयुहक्त करे। म त्
इतन अहनि यु िै हक सरक र क नीहतगत हनणुय उहचत तथ
सक रण िो एिां सांहिध न के अनुच्छेद 14 की कसौटी पर खर
उतरे। र ज्य क ऐस कोई िैध हनक द हयत्ि निीं िै हक हनयमों में
सांशोधन के पूिु उत्पधन ि ई ररहक्तयों पर हनयुहक्त के हिए हिच र हकय
ज ए तथ र ज्य को ऐस करने के हिए कोई हनदेश निीं हदय ज
सकत िै। िोक सेि में हनयुहक्त िेतु चयन प्रहिय क उद्देश्य यि
हनहित करन िै हक सिुश्रेष्ठ तथ क यु के हिए सि ुहधक उपयुक्त
व्यहक्त क चयन हकय ज ए।

36. प्रस्तुत प्रकरण में िषु 2016 में चयन प्रहिय
प्र रम्ि िोने के पि त अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष पररषद ने
हदन ांक 01.03.2019 की हिज्ञहप्त द्व र पुस्तक िय ध्यक्ष के पद
क स्तर, िेतनम न तथ धयूनतम योग्यत उच्चीकृत कर दी, न हक
योग्यत क स्तर घट य गय । उ०प्र० तकनीकी हशक्ष पररषद की
हिज्ञहप्त के अनुस र िी र ज्य सरक र ने िी उ०प्र० तकनीकी हशक्ष
(अध्य पन) सेि हनयम ििी 2021 प्रख्य हपत करके
पुस्तक िय ध्यक्ष के स्तर क उधनयन कर हदय , हजससे िि पद
समूि 'ग' से उठ कर समूि 'ख' में आ गय तथ उक्त पद के हिए
देय िेतन बढ़ गय । स थ िी पुस्तक िय ध्यक्ष पद के हिए धयूनतम
योग्यत िी उच्चीकृत िोकर पुस्तक िय हिज्ञ न में कम से कम प्रथम
श्रेणी के स थ स्न तकोत्तर उप हध कर दी गयी, जबहक पििे यि म त्
स्न तक उप हध के स थ पुस्तक िय हिज्ञ न में हडप्िोम थी।
पुस्तक िय ध्यक्ष पद की धयूनतम योग्यत क उधनयन तथ इसके
स थ िी पद के हिए देय िेतन आहद क उधनयन, जो हक ि रतीय
सांहिध न के अनुच्छेद 309 के अांतगुत प्रदत्त शहक्तयों क प्रयोग
करते ि ए तथ अहखि ि रतीय तकनीकी हशक्ष पररषद द्व र
उच्चीकृत स्तर को ध्य न में रखते ि ए र ज्य सरक र द्व र हकय गय ,
हकसी िी प्रक र से मनम न य अक रण सांशोधन निीं कि ज
सकत । उक्त सांशोधन के क रण यहद र ज्य सरक र ने यि हनणुय
हिय हक अब पूिु के हनम्न स्तर की योग्यत ओां के आध र पर
प्र रम्ि की गयी चयन प्रहिय के िम में कोई हनयुहक्त निीं की
ज एगी तथ सांशोहधत एिां उच्चीकृत योग्यत ओां के आध र पर
7 All. Siraj Hussain Vs. State of U.P. & Anr.
1495
हनयुहक्तय ाँ की ज एांगी, तो ऐस हनणुय िी मनम न य अक रण
हनणुय निीं कि ज सकत ।

37. हिशेष योग्यत ि िे पदों, यथ पुस्तक िय ध्यक्ष,
के स्तर क उधनयन हकसी िी प्रक र से एक जनहित हिरोधी हनणुय
निीं कि ज सकत । िोक पदों की योग्यत के स्तर क उधनयन
िोकहित के हिपरीत न िोकर िोकहित को बढ़ ि देने ि ि प्रि ि
रखेग ।

38. जि ाँ तक आिोच्य आदेश को इस आध र पर
चुनौती दी गयी िै हक यि ररट-ए सांख्य -5390 िषु 2022 के
आदेश के प्रहतकूि िै, ररट-ए य हचक सांख्य -5390 िषु 2022
के हनणुय हदन ांक 05.12.2022 द्व र इस धय य िय ने िी यि
छूट दी थी हक यहद र ज्य के प्र हधक री अधयथ मत के िों, तो िि
अपन हनणुय िेने के हिए स्ितांत् िोंगे, हकधतु हनणुय िेते समय उधिें
धय य िय के हनणुय हदन ांक 05.12.2022 में की गयी हटप्पहणयों
को ध्य न में रखन िोग ।

39. जबहक इस धय य िय ने अपने हनणुय हदन ांक
05.12.2022 में स्ियां िी र ज्य के प्र हधक ररयों को इस
धय य िय के हनणुय से हिधन हनणुय िेने की छूट प्रद न की थी, तो
ऐसी पररहस्थहत में आिोच्य आदेश हदन ांक 23.03.2024 की
िैधत इस धय य िय के हनणुय हदन ांक 05.12.2022 में की गयी
हटप्पहणयों के स थ िी सम्पूणु सांगत हिहध-व्यिस्थ के आिोक में
िी हकय ज न च हिए तथ आिोच्य आदेश म त् इस आध र पर
हनरस्त िोने योग्य निीं िै हक र ज्य के हकसी प्र हधक ररयों ने इस
धय य िय के आदेश हदन ांक 05.12.2022 में उ०प्र० अधीनस्थ
सेि चयन आयोग द्व र प्रक हशत पररण म के िम में हनयुहक्त देने के
स्थ न पर य हचक कत ुगण क प्रत्य िेदन हनरस्त कर हदय ।

40. आिोच्य आदेश में यि कहथत िै हक
पुस्तक िय ध्यक्ष के पद क स्तर उधनयन िोने के पि त्
पुस्तक िय ध्यक्ष के पद के हिज्ञ पन/चयन/िती की क युि िी को
स्थहगत रखे ज ने िेतु हनदेश िय ने हदन ांक 12.02.2018 तथ
हदन ांक 16.02.2018 को उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग
से अनुरोध हकय थ तथ इसके पि त् िी हनदेश िय ने हिहिधन पत्
हदन ांक 28.07.2018, 11.12.2018, 16.12.2018,
30.05.2019, 04.09.2019, 19.02.2021 एिां
23.10.2021 को उ०प्र० अधीनस्थ सेि चयन आयोग को
उपरोक्त िहणुत हस्थहत से अिगत कर ते ि ए पुस्तक िय ध्यक्ष बैण्ड
िेतनम न रु० 5,200/- से 20,200/- एिां ग्रेड िेतन रु०
2,800/- के 69 पदों पर हिज्ञ पन/चयन/िती की क युि िी को
स्थहगत हकये ज ने िेतु हनरांतर पत् च र हकय गय , हकधतु उ०प्र०
अधीनस्थ सेि चयन आयोग ने हनदेश िय के पत्ों को सांज्ञ न में
निीं हिय और न िी इस सांदिु में कोई पृच्छ की एिां हिहखत
परीक्ष तथ स क्ष त्क र करके चयन पररण म घोहषत कर हदय । ऐसी
पररहस्थहत में यि निीं कि ज सकत हक हनयोक्त -हनदेशक
तकनीकी हशक्ष प्रश सहनक अकमुण्यत के दोषी िैं। यहद उ०प्र०
अधीनस्थ सेि चयन आयोग सेि योजक के ब र-ब र पत् हिखने के
पि त् िी चयन प्रहिय को आगे चि त रि , तो म त् इस क रण
से सेि योजक ऐसी चयन प्रहिय के आध र पर हनयुहक्त देने के हिए
ब ध्य निीं िोंगे, हजसको इस क रण रोकने क हनदेश हदय गय थ
हक प्रश्नगत पदों के स्तर क उधनयन िो गय िै।

41.