# Nitesh Kumar Rastogi & Anr v. State of U.P & Anr

- **Citation:** (2024) 2 ILRA 1577
- **Court:** High Court of Judicature at Allahabad
- **Decided:** 2024-02-23
- **Case number:** Application U/S 482 No. 1646 of 2024
- **Bench:** Subhash Vidyarthi
- **Source:** https://unisonlegal.in/judgment/allahabad-high-court/nitesh-kumar-rastogi-anr-v-state-of-u-p-anr-51308
- **Pages:** 6

## Headnote

G.A.

(अ) फौजदारी कानून - भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता,
(1973) - धारा 482 - अंतर्निहित शक्ततयां - भारतीय दंड
संहिता, 1860 -
 धारा 188, 420, 427, 447 - धारा 482
का सावधानी से उपयोग - उच्च न्यायालय को इस शक्तत का
उपयोग करते समय मामले का सतिी परीक्षण निीं करना चाहिए
और यि देखना चाहिए क्रक तया दीवानी प्रकृर्त के मामले को
अपराध का रूप हदया गया िै - जिााँ पक्षों के मध्य दीवानी प्रकृर्त के
वववाद को मात्र दूसरे पक्ष पर दबाव डालने के ललए आपराधधक रंग दे
हदया जाता िै, ऐसी कायिवािी न्यार्यक प्रक्रिया का दुरूपयोग िै।
(पैरा -15,16,17)

पक्षों के बीच वििाद दीिानी प्रकृति का - प्रथम सूचना रिपोर्ट द्िािा
भूमम पि कब्जा किने का आिोप लगाया गया - अस्थायी तनषेधाज्ञा
आदेश पारिि - जजसके विरुद्ध मशकायिकिाट द्िािा अपील की गई
- पुमलस ने प्रकिण को दीिानी प्रकृति का बिािे हुए हस्िक्षेप किने
से इकाि कि ददया - िाजस्ि कममटयों की दो रिपोर्ट प्राथीगण के पक्ष
में - एक रिपोर्ट मशकायिकिाट के पक्ष में। (पैिा - 19)

र्नणिय: -
आपिाधधक प्रक्रिया मात्र दीिानी प्रकृति के वििाद में
प्राथीगण पि अनुधचि दबाि डालने के उद्देश्य से संजस्थि की गई।
ऐसी परिजस्थति में आपिाधधक कायटिाही का जािी िहना न्यातयक
प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। पक्षी के मध्य आपिाधधक प्रक्रिया
तनिस्ि की गई । आदेश में ददए गए कोई भी कथन आपिाधधक
प्रक्रिया के अलािा क्रकसी भी दीिानी या िाजस्ि प्रकृति के वििाद
के तनणटय में प्रभािी नहीं होंगे।( पैिा - 19,20)

धारा 482 के तित आवेदन स्वीकृत । (E -7)

उद्धृत मामलों की सूची: -

## Text

2 All. Nitesh Kumar Rastogi & Anr Vs. State of U.P & Anr.
1577

22. Accordingly, keeping in view the
judgment of the Apex Court passed in the
case of Subrata Roy Sahara Vs. Union of
India reported in (2014) 8 SCC 470, this
Court imposes a token cost of Rs. 25,000/-
on the respondents.

23. Let the said cost be paid to the
petitioner initially by the State Government
within six weeks from today with the
liberty to recover the same from the
authority who is responsible in passing the
order impugned.
----------
(2024) 2 ILRA 1577
ORIGINAL JURISDICTION
CRIMINAL SIDE
DATED: LUCKNOW 23.02.2024

BEFORE

THE HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.

Application U/S 482 No. 1646 of 2024

Nitesh Kumar Rastogi & Anr. ...Applicant
Versus
State of U.P & Anr. ...Opposite Parties

Counsel for the Applicants:
Sanandan
Kumar
Misra,
Bina
Kumari
Bajpai, Lakshmi Kant Tripathi, Rakesh
Kumar Chaudhary

Counsel for the Opposite Parties:
G.A.

(अ) फौजदारी कानून - भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता,
(1973) - धारा 482 - अंतर्निहित शक्ततयां - भारतीय दंड
संहिता, 1860 -
 धारा 188, 420, 427, 447 - धारा 482
का सावधानी से उपयोग - उच्च न्यायालय को इस शक्तत का
उपयोग करते समय मामले का सतिी परीक्षण निीं करना चाहिए
और यि देखना चाहिए क्रक तया दीवानी प्रकृर्त के मामले को
अपराध का रूप हदया गया िै - जिााँ पक्षों के मध्य दीवानी प्रकृर्त के
वववाद को मात्र दूसरे पक्ष पर दबाव डालने के ललए आपराधधक रंग दे
हदया जाता िै, ऐसी कायिवािी न्यार्यक प्रक्रिया का दुरूपयोग िै।
(पैरा -15,16,17)

पक्षों के बीच वििाद दीिानी प्रकृति का - प्रथम सूचना रिपोर्ट द्िािा
भूमम पि कब्जा किने का आिोप लगाया गया - अस्थायी तनषेधाज्ञा
आदेश पारिि - जजसके विरुद्ध मशकायिकिाट द्िािा अपील की गई
- पुमलस ने प्रकिण को दीिानी प्रकृति का बिािे हुए हस्िक्षेप किने
से इकाि कि ददया - िाजस्ि कममटयों की दो रिपोर्ट प्राथीगण के पक्ष
में - एक रिपोर्ट मशकायिकिाट के पक्ष में। (पैिा - 19)

र्नणिय: -
आपिाधधक प्रक्रिया मात्र दीिानी प्रकृति के वििाद में
प्राथीगण पि अनुधचि दबाि डालने के उद्देश्य से संजस्थि की गई।
ऐसी परिजस्थति में आपिाधधक कायटिाही का जािी िहना न्यातयक
प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। पक्षी के मध्य आपिाधधक प्रक्रिया
तनिस्ि की गई । आदेश में ददए गए कोई भी कथन आपिाधधक
प्रक्रिया के अलािा क्रकसी भी दीिानी या िाजस्ि प्रकृति के वििाद
के तनणटय में प्रभािी नहीं होंगे।( पैिा - 19,20)

धारा 482 के तित आवेदन स्वीकृत । (E -7)

उद्धृत मामलों की सूची: -

1. कमल मशिाजी पोकिनेकि बनाम महािाष्ट्र िाज्य औि
अन्य, (2019) 14 एससीसी 350

2. जी सागि शूिी बनाम उ०प्र० िाज्य ,(2000) 2
एससीसी 636

3. इंडडयन ऑयल कापोिेशन बनाम NEPC इंडडया
मलममर्ेड ,(2006) 6 एससीसी 736

4. गुलाम मुस्िफा बनाम कनाटर्क िाज्य ,(2023)
एससीसी online SC 603

(Delivered by Hon'ble Subhash Vidyarthi,
J.)

1. प्राथीगण के विद्िान अधधिक्िा श्री
सनन्दन कुमाि ममश्रा एिं श्रीमिी बीना कुमािी
1578 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
बाजपायी,
विद्िान
अतिरिक्ि
शासकीय
अधधिक्िा श्री अनंि प्रिाप मसंह िथा विपक्षी
संख्या 2 के विद्िान अधधिक्िा श्री िाकेश
कुमाि चौधिी िथा श्री लक्ष्मीकान्ि त्रत्रपाठी को
सुना िथा पत्रािली का अिलोकन क्रकया।

2. धािा 482 दण्ड प्रक्रिया संदहिा के
अंिगटि प्रस्िुि इस प्राथटना पत्र द्िािा प्राथीगण
ने प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 854 सन 2020
अंिगटि धािा 188, 420, 427, 447 भा०दं०सं०
थाना पी.जी.आई. जजला लखनऊ के अनुिम में
प्रस्िुि आिोप पत्र संख्या 02 सन 2022 ददनांक
20.06.2022 िथा उसके आधाि पि विद्िान
मुख्य न्यातयक मजजस्रेर्, लखनऊ द्िािा िाद
संख्या 88492 सन 2022 में पारिि आदेश
ददनांक 26.09.2022 जजसके द्िािा उपिोक्ि
अपिाध का संज्ञान मलया गया िथा प्राथीगण
को विचािण हेिु िलब क्रकया गया, की िैधिा
को चुनौिी दी गयी है।

3. विपक्षी संख्या 2 ने ददनांक 9.11.2020
को प्रथम सूचना रिपोर्ट संख्या 854 सन 2020
प्राथीगण िथा 2 अन्य व्यजक्ियों शैलेन्र ममश्रा
एिं देिी शंकि पाण्डेय के विरुद्ध मलखािे हुए
यह कहा क्रक मशकायिकिाट की भूमम खसिा
संख्या 2004 ग्राम हैिि मऊ मिझ्या सिस्ििी
पुिम कालोनी में लगभग 16,000 िगट फीर्
जस्थि है, जजस पि विगि 25 िषों से उसकी
बाउण्री िाल बनी है। मशकायिकिाट की मािा
जी की मृत्यु के पश्चाि उनकी िसीयि के
आधाि पि मशकायिकिाट को भूमम का स्िाममत्ि
ममला है। प्राथी संख्या 1 िथा 2 अन्य सहअमभयुक्ि शैलेन्र ममश्रा एिं देिी शंकि पाण्डेय
भूमम को हड़पने की तनयि से खसिा संख्या
2006 ख की भूमम का वििय-पत्र फजी प्रपत्रों के
आधाि पि किाकि मशकायिकिाट की भूमम पि
कब्जा किने के उद्देश्य से चहाि ददिािी िोड़ िहे
थे जबक्रक खसिा संख्या 2006 ख के भूममधि
अजय कुमाि द्िािा िषट 2005 में भूमम को एक
पंजीकृि वििय विलेख द्िािा सममति को बेचा
जा चुका था। इसके बाद भी अमभयुक्िगण
अजय कुमाि की पत्नी मालिी देिी से त्रबना
क्रकसी अधधकाि के फजी िजजस्री किाकि
मशकायिकिाट की भूमम पि कब्जा कि िहे हैं।
मशकायिकिाट द्िािा पूिट में ही मालिी देिी के
खखलाफ न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्ि कि
मलया गया था। वििेचना के उपिान्ि ददनांक
20.6.2022 को चािों अमभयुक्िगण के विरुद्ध
धािा 188, 420, 427, 447, 120-B भा०दं०सं० के
अपिाधों के मलए आिोप-पत्र प्रस्िुि क्रकया गया
है, जजनका संज्ञान मुख्य न्यातयक मजजस्रेर्
लखनऊ ने आदेश ददनांक 26.9.2022 द्िािा
लेिे हुए अमभयुक्िगण को समन क्रकया।

4. प्राथटना-पत्र के साथ प्रस्िुि शपथ-पत्र में
कहा गया है क्रक प्राथी ने जो भूमम वििय की है,
उसके भूममधि के रूप में वििेिा श्रीमिी मालिी
देिी का नाम खिौनी में अंक्रकि था िथा मालिी
देिी द्िािा प्राधथटनी संख्या 2 के पक्ष में
तनष्ट्पाददि वििय विलेख ददनांक 1.10.2020 की
प्रति प्राथटना पत्र के साथ संलग्न की गयी है,
जजसके द्िािा प्राथी संख्या 2 ने खसिा संख्या
2 All. Nitesh Kumar Rastogi & Anr Vs. State of U.P & Anr.
1579
2006 ख में से 210.315 िगट मीर्ि भूमम खिीदी
है, जजसकी सीमाएं वििय-पत्र में अंक्रकि हैं।
प्राथी संख्या 1 ने मालिी देिी से एक अन्य
वििय-पत्र ददनांक 5.10.2020 से खसिा संख्या
2006 ख में से 207.434 िगट मीर्ि भूमम खिीदी
है, जजसकी सीमाएं भी उक्ि वििय-पत्र में
अंक्रकि हैं, जजसकी प्रति प्राथटना-पत्र के साथ
संलग्न है।

5. मशकायिकिाट ने मसविल जज हिाली
(अिि खण्ड), लखनऊ के न्यायालय में मूल
िाद संख्या 1465 सन 2019 प्रस्िुि कििे हुए
प्रश्नगि भूमम के संबंध में स्थायी तनषेधाज्ञा
िथा िाद के लंत्रबि िहने के दौिान अस्थायी
तनषेधाज्ञा की मांग की िथा अस्थायी तनषेधाज्ञा
के प्राथटना-पत्र में यह मलखा गया है क्रक िादी ने
घर्ना की मशकायि थाने पि क्रकया पिन्िु
संबंधधि थाने की पुमलस ने मामला दीिानी
बिाकि मामले में हस्िक्षेप किने से इंकाि कि
ददया। उक्ि कथन ददनांक 11.8.2021 को क्रकया
गया जबक्रक मशकायिकिाट प्रथम सूचना रिपोर्ट
ददनांक 9.11.2020 को ही अंक्रकि किा चुका था।

6. प्रभािी तनिीक्षक द्िािा उपजजलाधधकािी
सिोजजनीनगि लखनऊ को प्रेवषि की गयी एक
रिपोर्ट ददनांक 10.11.2020 की प्रति प्राथटना-पत्र
के साथ संलग्न की गयी है, जजसमें उपतनिीक्षक
ने मशकायिकिाट द्िािा मलखाई गई प्रथम
सूचना रिपोर्ट के संबंध में उपजजलाधधकािी से
अनुिोध क्रकया है क्रक मशकायिकिाट िथा
अमभयुक्ि का भूमम संख्या अमभलेखों में अलगअलग प्रदमशटि है क्रकन्िु दोनों पक्ष एक ही स्थल
को अपनी अपनी भूमम बिािे हैं िथा इस कािण
से िाजस्ि र्ीम द्िािा स्थलीय तनिीक्षण क्रकया
जाना आिश्यक है जजससे सत्यिा की जांच की
जा
सके।
उपजजलाधधकािी
ने
ददनांक
10.12.2020 को िाजस्ि कममटयों के एक दल
द्िािा मौके की जांच किने के बाद एक रिपोर्ट
दी, जजसके अनुसाि गार्ा संख्या 2006 ख के
संिमणीय भूममधि श्रीमिी मालिी, पंकज,
अजय िथा प्रेम कुमाि आदद हैं। उपिोक्ि गार्ा
में से भूमम प्राथी संख्या 1 तनिेश कुमाि िस्िोगी
ि प्राथी संख्या 2 नीलम पाण्डेय िथा एक अन्य
व्यजक्ि सह-अमभयुक्ि शैलेन्र कुमाि ममश्रा को
वििय क्रकया गया है।

7. ददनांक 12.11.2021 को लेखपाल ने एक
औि आख्या प्रस्िुि किके प्राथीगण द्िािा गार्ा
संख्या 2006 ख में से भूमम िय क्रकये जाने के
बाद की बाि कही।

8. प्राथी संख्या 1 ने मशकायिकिाट के
विरुद्ध मूल िाद संख्या 788 सन 2021 मसविल
जज (प्रिि खण्ड) लखनऊ के न्यायालय में
प्रस्िुि क्रकया, जजसमें ददनांक 05.07.2021 को
एक अंिरिम तनषेधाज्ञा का आदेश पारिि कििे
हुए मशकायिकिाट िथा उसके सहयोधगयों को
खसिा संख्या 2006 ख में प्राथी संख्या 1 द्िािा
िय की गयी 2260 िगट फीर् भूमम पि प्राथी
संख्या 1 के शांतिपूणट अध्यासन में क्रकसी भी
प्रकाि से हस्िक्षेप किने से तनषेधधि क्रकया
गया। इसके उपिान्ि मशकायिकिाट को सुनने
1580 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
के उपिान्ि मसविल जज (प्रिि खण्ड) द्िािा
अस्थायी
तनषेधाज्ञा
के
प्राथटना-पत्र
का
तनस्िािण आदेश ददनांक 07.03.2022 द्िािा
क्रकया गया, प्राधथटनी संख्या 2 नीलम पाण्डेय ने
भी मसविल जज (प्रिि खण्ड) लखनऊ के
न्यायालय में मूल संख्या 868 सन 2021 प्रस्िुि
क्रकया, जजसमें ददनांक 12.07.2021 को उनके
पक्ष में अस्थायी तनषेधाज्ञा आदेश पारिि हुआ
िथा ददनांक 07.03.2022 के आदेश द्िािा
मशकायिकिाट प्रतििादी की आपवियों पि
विचाि किने के उपिान्ि अन्िरिम तनषेधाज्ञा
प्राथटना-पत्र स्िीकाि कि मशकायिकिाट को
आदेमशि क्रकया गया क्रक िह प्राथी संख्या 2
द्िािा खिीदी गयी भूमम पि उसके शांतिपूणट
अध्यासन में क्रकसी ििह का कोई हस्िक्षेप न
किे।

9. मशकायिकिाट ने प्राधथटनी संख्या 2 के
पक्ष में पारिि अस्थायी तनषेधाज्ञा आदेश के
विरुद्ध प्रकीणट दीिानी अपील संख्या 202 सन 2022
प्रस्िुि की, जो अपि सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 6
विशेष न्यायाधीश भ्रष्ट्र्ाचाि तनिािण, लखनऊ ने
अपने तनणटय िथा आदेश ददनांक 13.04.2023 द्िािा
तनिस्ि कि कििे हुए अस्थायी तनषेधाज्ञा आदेश
ददनांक 07.03.2022 पुष्ट्र् कि ददया।

10. उपिोक्ि िथ्यों के आधाि पि प्राथी के
विद्िान अधधिक्िा का कथन है क्रक जब सक्षम
न्यायालय द्िािा प्राथीगण के पक्ष में वििाददि भूमम
के संबंध में मशकायिकिाट के विरुद्ध अस्थायी
तनषेधाज्ञा पारिि की जा चुकी है, जो आदेश अपील में
पुष्ट्र् क्रकया जा चुका है, उसी विषयिस्िु के मलए
आपिाधधक कायटिाही जािी िहना न्यायसंगि नहीं
है।

11. प्राथीगण की ििफ से एक पूिक शपथ-पत्र
प्रस्िुि क्रकया गया है जजसमें पक्षों के मध्य
िाजनैतिक द्िेष होने का कथन क्रकया गया है।

12. विपक्षी संख्या 2 ने एक प्रतिशपथ-पत्र
प्रस्िुि कििे हुए प्राथटना पत्र का वििोध क्रकया है।
जजसमें उन्होंने सह-अमभयुक्ि देिी शंकि पाण्डेय,
जो प्राथी संख्या 2 के पति हैं, के आपिाधधक इतिहास
का िणटन क्रकया है िथा साथ ही यह भी कहा है क्रक
उपजजलाधधकािी सिोजजनीनगि लखनऊ ने ददनांक
23.6.2021 को एक आख्या दी जजसमें यह कहा गया
क्रक भूमम के पूिट स्िामी अजय कुमाि भूमम को पहले
ही बेच चुके थे िथा उनकी पत्नी मालिी देिी को
भूमम को वििय किने का कोई अधधकाि प्राप्ि नहीं
था।

13. विपक्षी संख्या 2 के विद्िान अधधिक्िा ने
माननीय उच्चिम न्यायालय द्िािा कमल मशिाजी
पोकिनेकि बनाम महािाष्ट्र िाज्य औि अन्य 2019
14 SCC 350 में पारिि तनणटय का आश्रय मलया,
जजसमें माननीय उच्चिम न्यायालय ने कहा है
क्रक यदद मशकायि में कहे गये अपिाध प्रथम
दृष्ट्र्या कारिि होना प्रिीि होिे हैं िो उक्ि
मशकायि की कायटिाही प्रािंमभक स्िि पि इस
आधाि पि तनिस्ि नहीं की जानी चादहए क्रक
मशकायि से दीिानी िाद भी होना प्रिीि होिा
है। विपक्षी संख्या 2 के विद्िान अधधिक्िा ने
यह भी िकट ददया क्रक प्राथी ने धािा 227
2 All. Nitesh Kumar Rastogi & Anr Vs. State of U.P & Anr.
1581
दं०प्र०सं० के अंिगटि उन्मोचन हेिु प्राथटना-पत्र
भी प्रस्िुि कि िखा है िथा इस कािण से धािा
482 दं०प्र०सं० के अंिगटि प्राथटना-पत्र पोषणीय
नहीं है।

14. उक्ि कथन के उिि में प्राथी के
विद्िान अधधिक्िा ने कथन क्रकया क्रक इस
प्राथटना-पत्र की नोदर्स ददनांक 19.02.2024 को
दे दी गयी थी िथा उसी ददन यह प्राथटना-पत्र
प्रस्िुि कि ददया गया था। इसके उपिान्ि प्राथी
ने ददनांक 20.02.2024 को विचािण न्यायालय
के समक्ष उन्मोचन प्राथटना पत्र प्रस्िुि क्रकया।
धािा 482 दं०प्र०सं० के अंिगटि प्राथटना-पत्र
प्रस्िुि क्रकये जाने के समय िक प्राथी ने
उन्मोचन हेिु कोई प्राथटना-पत्र प्रस्िुि नहीं
क्रकया था औि इस कािण यह प्राथटना पत्र बाद में
प्रस्िुि क्रकया गया। उन्मोचन प्राथटना-पत्र से इस
प्राथटना-पत्र की पोषणीयिा पि कोई विपिीि
प्रभाि नहीं पड़ेगा।

15. जी सागि शूिी बनाम उ०प्र० िाज्य
(2000) 2 SCC 636 में माननीय उच्चिम
न्यायालय ने यह मसद्धान्ि प्रतिपाददि क्रकया
क्रक धािा 482 दं०प्र०सं० के अन्िगटि प्राप्ि
क्षेत्राधधकाि को अत्यन्ि सािधानीपूिटक प्रयोग
किना चादहए। इस शजक्ि का प्रयोग कििे हुए
उच्च न्यायालय को प्रकिण का पिीक्षण मात्र
सिही िौि पि नहीं किना चादहए। न्यायालय
को यह देखना चादहए क्रक क्या मूलिः एक
दीिानी प्रकृति के प्रकिण को एक अपिाध का
जामा पहनाने का प्रयास क्रकया गया है।
आपिाधधक प्रक्रिया विधध के अनुसाि अनुिोष
प्राप्ि किने की अन्य प्रक्रिया के शॉर्टकर् के रूप
में प्रयोग नहीं की जा सकिी। आपिाधधक
प्रकिण में अमभयुक्ि को विचािण के मलए
आहूि किने के पहले न्यायालय को अत्यन्ि
सािधानी
बििनी
चादहए
क्योंक्रक
एक
अमभयुक्ि के मलए यह एक अत्यन्ि गंभीि
विषय है। धािा 482 दं०प्र०सं० के अंिगटि प्राप्ि
शजक्ियों का प्रयोग न्यातयक प्रक्रिया का
दुरूपयोग किने अथिा अन्यथा न्याय के दहिों
की िक्षा किने के मलए किना चादहए।

16. इंडडयन ऑयल कापोिेशन बनाम
NEPC इंडडया मलममर्ेड (2006) 6 SCC

736 में माननीय उच्चिम न्यायालय ने
व्यािसातयक क्षेत्र के लोगों में दीिानी मामलों
को आपिाधधक मामलों में बदलने की प्रिृवि का
संज्ञान लेिे हुए कहा क्रक ऐसी धािणा बन िही है
क्रक यदद व्यजक्ि को क्रकसी भी प्रकाि से
आपिाधधक प्रक्रिया में लपेर्ा जा सके िो इससे
वििाद के िुिन्ि तनपर्ािे की संभािना बढ़ जािी
है। जहााँ कोई अपिाध कारिि नहीं हुआ हो, िहााँ
दीिानी प्रकृति के िादों को तनपर्ाने के मलए
आपिाधधक प्रक्रिया का दुरूपयोग किके दबाि
बनाने की प्रिृवि को िोका जाना अतनिायट है।

17. इसके विपिीि प्राथी के विद्िान
अधधिक्िा ने गुलाम मुस्िफा बनाम कनाटर्क
िाज्य (2023) SCC online SC 603 का आश्रय
मलया, जजसमें माननीय उच्चिम न्यायालय ने
कहा है क्रक जहााँ पक्षों के मध्य दीिानी प्रकृति के
1582 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
वििाद को मात्र दूसिे पक्ष पि दबाि डालने के
मलए आपिाधधक िंग दे ददया जािा है, ऐसी
कायटिाही न्यातयक प्रक्रिया का दुरूपयोग है।

18. उपिोक्ि िथ्यों के दृजष्ट्र्गि िखिे हुए
प्राथटना पत्र स्िीकाि क्रकया जािा है। प्रथम
सूचना रिपोर्ट संख्या 854 सन 2020 अंिगटि
धािा 188, 420, 427, 447 भा०दं०सं० धाना
पी.जी.आई. जजला लखनऊ के अनुिम में
प्रस्िुि आिोप पत्र संख्या 02 सन 2022 ददनांक
20.06.2022 िथा उसके आधाि पि विद्िान
मुख्य न्यातयक मजजस्रेर्, लखनऊ द्िािा िाद
संख्या 88492 सन 2022 में पारिि आदेश
ददनांक 26.09.2022 जजसके द्िािा उपिोक्ि
अपिाध का संज्ञान मलया गया िथा प्राथीगण
को विचािण हेिु िलब क्रकया गया, िथा
उपिोक्ि आपिाधधक िाद की संपूणट कायटिाही
प्राथीगण के विरुद्ध तनिस्ि की जािी है।

19. जब उपिोक्ि विधध व्यिस्थाओं के
आलोक में प्रस्िुि मामले के िथ्यों का पिीक्षण
क्रकया जाये िो यह प्रिीि होिा है क्रक पक्षों के
मध्य दीिानी वििाद लंत्रबि है, जजसमें प्राथीगण
के पक्ष में अस्थायी तनषेधाज्ञा आदेश पारिि हो
चुका है। एक अस्थायी तनषेधाज्ञा आदेश के
विरुद्ध मशकायिकिाट द्िािा प्रस्िुि अपील
तनिस्ि कििे हुए अस्थायी तनषेधाज्ञा आदेश
अपीलीय न्यायालय द्िािा पुष्ट्र् क्रकया जा चुका
है। प्रथम सूचना रिपोर्ट द्िािा भूमम पि कब्जा
किने के प्रयास का आिोप लगाया गया, जो
कृत्य तनषेधाज्ञा आदेश से संबंधधि है। यद्यवप
मशकायिकिाट ने प्रथम सूचना रिपोर्ट ददनांक
09.11.2020 को अंक्रकि किायी थी, उसने अपने
द्िािा प्रस्िुि िाद संख्या 1465 सन 2019 में
यह कहा है क्रक जब िह घर्ना की मशकायि
किने थाने पि गया िो संबंधधि थाने की पुमलस
ने प्रकिण को दीिानी प्रकृति का बिािे हुए
हस्िक्षेप किने से इंकाि कि ददया। िाजस्ि
कममटयों की दो रिपोर्ट प्राथीगण के पक्ष में हैं िथा
एक बाद की रिपोर्ट मशकायिकिाट के पक्ष में है
क्रकन्िु िह रिपोर्ट दीिानी न्यायालय द्िािा
तनषेधाज्ञा में दी गयी प्रािंमभक फाइंडडंग में
अंक्रकि क्रकये गये प्रािंमभक संिोष के विरुद्ध हैं।
इन कथनों से पक्षों के मध्य वििाद दीिानी
प्रकृति का प्रिीि होिा है िथा ऐसा प्रिीि होिा
है क्रक आपिाधधक प्रक्रिया मात्र दीिानी प्रकृति के
वििाद में प्राथीगण पि अनुधचि दबाि डालने के
उद्देश्य से संजस्थि की गयी हैं।

20. ऐसी परिजस्थति में आपिाधधक
कायटिाही का जािी िहना न्यातयक प्रक्रिया का
दुरुपयोग होगा।

21. यह स्पष्ट्र् क्रकया जािा है क्रक इस
आदेश में कहे गये कोई भी कथन पक्षों के मध्य
आपिाधधक प्रक्रिया, जो तनिस्ि की जा िही है,
के अतिरिक्ि क्रकसी भी वििाद के तनणटय के
मलए दीिानी अथिा िाजस्ि प्रकृति के वििाद के
तनणटय में प्रभािी नहीं होंगे िथा उनको गुण-दोष
के आधाि पि विधधनुसाि त्रबना इस आदेश में
क्रकये गये क्रकसी भी कथन से प्रभाविि हुए
तनणीि क्रकया जायेगा।
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