# Rakesh Saxena v. Commissioner Kanpur & Ors

- **Citation:** (2019) 3 ILRA 1352
- **Court:** High Court of Judicature at Allahabad
- **Decided:** 2019-09-24
- **Case number:** Writ C No. 30964 of 2019
- **Bench:** Ashok Kumar
- **Source:** https://unisonlegal.in/judgment/allahabad-high-court/rakesh-saxena-v-commissioner-kanpur-ors-44668
- **Pages:** 3

## Headnote

A. Civil Law-Indian Stamp Act, 1899 -
Section 47A & 56(1) - Stamp Deficiency -
Justification of recovery proceeding - Order
of court below in respect of stamp deficiency
set aside by appellate Court -Recovery
proceeding, consequential to the original
order is improper and unjustified. (Para 18)

Writ Petition allowed (E-1)

## Text

1352 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
and defence which ought to have been
raised, but not raised, whereas Order 2
Rule 2 of the Code relates to reliefs which
ought to have been claimed on the same
cause of action but not claimed.

25. In view of the facts as stated
above, we are of the view that the writ
petition is devoid of merits and the same
is liable to be dismissed.

26. Accordingly the same is
dismissed. No order as to cost.
----------

(2019)11ILR A1352

ORIGINAL JURISDICTION
CIVIL SIDE
DATED: ALLAHABAD 24.09.2019

BEFORE
THE HON'BLE ASHOK KUMAR, J.

Writ C No. 30964 of 2019

Rakesh Saxena ...Petitioner
Versus
Commissioner Kanpur & Ors.
 ...Respondents

Counsel for the Petitioner:
Sri Deepak Kumar Jaiswal

Counsel for the Respondents:
C.S.C.

A. Civil Law-Indian Stamp Act, 1899 -
Section 47A & 56(1) - Stamp Deficiency -
Justification of recovery proceeding - Order
of court below in respect of stamp deficiency
set aside by appellate Court -Recovery
proceeding, consequential to the original
order is improper and unjustified. (Para 18)

Writ Petition allowed (E-1)
(Delivered by Hon'ble Ahok Kumar, J.)

1. श्री िीपक कुमार जायसवाल याची के
र्वद्वान अर्धवक्ता एवं र्वपक्षी संख्या- 1,2,3 व
4 की ओर से र्वद्वान स्थायी अर्धवक्ता क सुना
गया।

2. वाि के तथ्य इस प्रकार हैं र्क याची
राकेि सक्सेना द्वारा कृर्ष भूर्म क र्िनांक
25.08.2018 क क्रय र्कया गया।

3. याची के र्वद्वान अर्धवक्ता का कथन
है र्क उपर क्त कृर्ष भूर्म क क्रय करने के
सम्बन्ध में याची द्वारा मूल्य का प्रर्तिान
आर0िी0जी0एस0 व एन0ई0एफ0िी0 के
माध्यम से र्वक्रेता क र्कया गया।

4. स्टाम्प कलेक्टर / अपर र्जलार्धकारी
(र्वत्त / राजस्व), फरुिखाबाि, वाि संख्या
09/2018-19 सरकार बनाम राकेि सक्सेना
अन्तगित
धारा-
47-ए
भारतीय
स्टाम्प
अर्धर्नयम के अन्तगित पाररत आिेि र्िनांक
20.05.2019 के द्वारा याची के र्वरुद् कम
स्टाम्प िुल्क रु0 14,08,050/-, अथिण्ड रु0
1,50,000/- तथा बैनामा र्नष्पािन की तारीख
र्िनांक 25.08.2018 से वसूली के र्िनांक तक
िेय कम स्टाम्प िुल्क पर 1.5 प्रर्तित
प्रर्तमाह की िर से साधारण ब्ाज आर र्पत
र्कया गया।

5. याची द्वारा स्टाम्प कलेक्टर के उक्त
आिेि र्िनांक 20.05.2019 के र्वरुद् वाि
संख्या 01440/2019 राकेि सक्सेना बनाम उ0
प्र0 सरकार अन्तगित धारा- 56(1) भारतीय
स्टाम्प अर्धर्नयम, 1899 के अन्तगित अपील
िाप्तखल की गई।

6. याची द्वारा न्यायालय आयुक्त,
कानपुर मण्डल के सम्मुख उक्त अपील में यह
कथन र्कया गया र्क क्रय की गई भूर्म का
प्रय ग पूणितः कृर्ष भूर्म के रूप में ह ता है तथा
3 All. Rakesh Saxena Vs. Commissioner Kanpur & Ors.
1353
यह र्क क्रय की गई भूर्म का अकृषक ह ने का
प्रश्न ही उत्पन्न नहीं ह ता है।

7. स्टाम्प कलेक्टर द्वारा स्थल का
र्नरीक्षण करने हेतु आिेर्ित र्कया गया तथा
स्थल र्नरीक्षण आख्या से यह दृष्ट्ीग चर हुआ
र्क प्रश्नगत भूर्म पर र्पछले 20 वषों से कृर्ष
कायि नहीं हुआ है, जबर्क खसरा 1412 फसली
पत्रावली पर उपलब्ध थी, में गेंह की फसल के
बारे में उिेख र्कया गया है।

8. याची द्वारा न्यायालय आयुक्त, कानपुर
मण्डल के सम्मुख यह भी कहा गया र्क क्रय की
गई भूर्म हाइवे या सी0सी0 र ि के र्कनारे प्तस्थत
नहीं है तथा यह र्क भूर्म के र्कनारे र्कसी प्रकार
का क ई र्वकर्सत क्षेत्र नहीं है।

9. याची के र्वद्वान अर्धवक्ता द्वारा कहा
गया र्क याची द्वारा र्जला मूल्यांकन सूची के
अनुसार िेय स्टाम्प िुल्क अिा र्कया गया है
तथा गािा संख्या- 725 के सम्पूणि रकबा का
बैनामा कराया गया है।

10. न्यायालय आयुक्त, कानपुर मण्डल
द्वारा याची की उक्त अपील क र्नर्णित करते
समय याची के र्वद्वान अर्धवक्ता एवं र्जला
िासकीय अर्धवक्ता (राजस्व) के तकों क
भली भााँर्त सुना गया तथा स्टाम्प कलेक्टर के
आिेि र्िनांक 20.05.2019 व पत्रावली का
सम्यक पररिीलन र्कया गया।

11. न्यायालय आयुक्त द्वारा प्रपत्र ं के
सम्यक पररिीलन परान्त यह पाया गया र्क
अधीनस्थ न्यायालय द्वारा याची की अनुपप्तस्थर्त
में एकतरफा आिेि पाररत र्कया है तथा यह
र्क स्थल का र्नरीक्षण भी याची की
अनुपप्तस्थर्त में र्कया गया है। न्यायालय
आयुक्त द्वारा यह भी पाया गया र्क स्थल
र्नरीक्षण करने हेतु अधीनस्थ न्यायालय द्वारा
याची क क ई न र्िस नहीं भेजी गई न ही जााँच
अर्धकारी द्वारा स्थल र्नरीक्षण करते समय
क ई फ ि ग्राफी कराई गयी।

12. न्यायालय आयुक्त द्वारा उपर क्त
सम्बन्ध में र्नम्न बात ं की र्ववेचना की गयी ज
र्क नीचे वर्णित है:-

"संयुक्त स्थल र्नरीक्षण र्िनांक
18.09.2018 में उिेख है र्क " ल ग ं ने बताया
र्क प्लार्िंग की य जना बना ली है" पर र्वश्वास
कैसे र्कया जा सकता है? अधीनस्थ न्यायालय
का प्रश्नगत आिेि एकपक्षीय है तथा अपीलाथी
की उपप्तस्थर्त में स्थल र्नरीक्षण भी नहीं र्कया
गया है। ऐसी प्तस्थर्त में अपीलाथी क सुनकर पुनः
आिेि पाररत करने की आवश्यकता प्रतीत ह ती
है। ति्नुसार अपील बलयुक्त ह ने के कारण
प्रत्यावर्तित र्कये जाने य ग्य है।"

13. उपर क्त तथ्य ं क दृर्ष्ट्गत रखते हुए
न्यायालय आयुक्त द्वारा याची द्वारा िाप्तखल की
गई अपील क आंर्िक रूप से स्वीकार र्कया
गया तथा अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पाररत आिेि
र्िनांक 20.05.2019 क अपास्त / र्नरस्त र्कया
गया एवं अधीनस्थ न्यायालय क यह र्निेर्ित
र्कया गया र्क सम्पूणि कायिवाही अथाित, स्थल
र्नरीक्षण व साक्ष्य ं का आकलन तथा सुनवाई का
युप्तक्तयुक्त अवसर अपीलाथी की उपप्तस्थर्त में
एवं अपीलाथी क सम्यक अवसर प्रिान करते
हुए र्कया जावे तथा वाि क पुनः गुण-ि ष ं के
आधार पर र्नर्णित र्कया जावे।

14. न्यायालय आयुक्त, कानपुर मण्डल द्वारा
अपने आिेि के अनुपालन हेतु अपीलाथी क
र्िनांक 08.10.2019 क अधीनस्थ न्यायालय के समक्ष
उपप्तस्थर्त हेतु र्निेर्ित र्कया गया तथा सम्पूणि
पत्रावली भी अधीनस्थ न्यायालय क वापस भेजी गई।

15. उपर क्त आिेि न्यायालय आयुक्त,
कानपुर मण्डल द्वारा र्िनांक 04.09.2019 क
पाररत र्कया गया।
1354 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES

16. याची के र्वद्वान अर्धवक्ता का कथन
है र्क यद्यर्प न्यायालय आयुक्त, कानपुर
मण्डल द्वारा याची की अपील स्वीकार करते
हुए अधीनस्थ न्यायालय क वाि क पुनः
सुनवाई हेतु प्रर्तप्रेर्षत र्कया गया है तथा
र्िनांक 08.10.2019 की र्तर्थ भी र्नर्ित की
गई है परन्तु र्वपक्षी संख्या- 3 व अमीन, र्जला
कासगंज द्वारा पूवि में जारी मांगपत्र र्िनांक
08.07.2019 के अनुपालन में याची के र्वरुद्
कुल रु0 18,01,618/- की मााँग क याची से
वसूली / जमा कराने हेतु उत्पीडनात्मक
कायिवाही की जा रही है ज र्क सविथा गलत
है।

17. यद्यर्प न्यायालय आयुक्त, कानपुर
मण्डल द्वारा वाि क प्रर्तप्रेर्षत करते हुए
अधीनस्थ न्यायालय के सम्मुख सुनवाई हेतु
र्िनांक 8 अक्टूबर, 2019 की र्तर्थ र्नर्ित की
गई व याची क आिेर्ित र्कया गया र्क वह
अधीनस्थ न्यायालय के सम्मुख र्िनांक 8
अक्टूबर, 2019 क उपप्तस्थत ह ं जबर्क
र्िनांक 8 अक्टूबर, 2019 क र्वजयाििमी /
ििहरे का साविजर्नक अवकाि प्रिेि
सरकार द्वारा घ र्षत र्कया गया है अतएव
उक्त पररप्तस्थत में मैं उक्त र्तर्थ (8 अक्टूबर,
2019) क स्थर्गत करते हुए र्िनांक 31
अक्टूबर, 2019 की र्तर्थ र्नर्ित करता हाँ।

18. मेरे द्वारा याची के र्वद्वान अर्धवक्ता
तथा र्वद्वान स्थायी अर्धवक्ता क सुना गया
तथा अधीनस्थ न्यायालय तथा न्यायालय
आयुक्त, कानपुर मण्डल के र्नणिय ं का
पररिीलन र्कया गया तथा यह पाया गया र्क
जबर्क न्यायालय आयुक्त, कानपुर मण्डल
द्वारा याची की अपील स्वीकार करते हुए वाि
क पुनः र्नधािरण हेतु अधीनस्थ न्यायालय के
सम्मुख प्रर्तप्रेर्षत र्कया गया है व अधीनस्थ
न्यायालय के र्नणिय र्िनांक 20.05.2019 क
र्नरस्त र्कया जा चुका है तब उस ििा में
र्वपक्षी संख्या- 3 व अन्य सम्बद् अर्धकाररय ं /
कमिचाररय ं द्वारा याची के र्वरुद् वसूली य ग्य
बकाया धनरार्ि क जमा करने की कायिवाही
र्कसी भी ििा में सही नहीं है।

19. उपर क्त तथ्य ं क दृष्ट्ीगत रखते हुए
प्रस्तुत यार्चका स्वीकार की जाती है तथा
अधीनस्थ न्यायालय / अपर र्जलार्धकारी (र्वत्त /
राजस्व), फरुिखाबाि क र्निेर्ित र्कया जाता
है र्क वे न्यायालय आयुक्त, कानपुर मण्डल के
आिेि र्िनांक 04.09.2019 का अनुपालन
सुर्नर्ित करें तथा जब तक र्क प्रर्तप्रेर्षत वाि
का र्नधािरण गुण-ि ष के आधार पर न र्कया
जावे याची के र्वरुद् की जा रही उत्पीडन की
कायिवाही क समाि र्कया जाता है तथा र्वपक्षी
संख्या 3 व अमीन, र्जला कासंगज एवं उनके
अधीनस्थ / सम्बद् कमिचाररय ं क र्निेर्ित
र्कया जाता है र्क वे याची के र्वरुद् वसूली की
कायिवाही तुरन्त समाि करें।

20. प्रस्तुत यार्चका उपर क्त र्निेि ं के
साथ स्वीकृत की जाती है।
----------
(2019)11ILR A1354

ORIGINAL JURISDICTION
CIVIL SIDE
DATED: ALLAHABAD 25.09.2019

BEFORE
THE HON'BLE SHASHI KANT GUPTA, J.
THE HON'BLE SAURABH SHYAM
SHAMSHERY, J.

Writ C. No. 31163 of 2019

Neeraj Kumar ...Petitioner
Versus
State of U.P. & Ors. ...Respondents

Counsel for the Petitioner:
Sri Pankaj Kumar Tyagi

Counsel
for
the
Respondents: