# Tahseen v. State of U.P. & Ors

- **Citation:** (2026) 2 ILRA 894
- **Court:** High Court of Judicature at Allahabad
- **Decided:** 2026-02-20
- **Case number:** Criminal Misc. Bail Application No. 5285 of 2026
- **Bench:** Dr. Gautam Chowdhary
- **Source:** https://unisonlegal.in/judgment/allahabad-high-court/tahseen-v-state-of-u-p-ors-54217
- **Pages:** 3

## Text

894 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
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(2026) 2 ILRA 894
APPELLATE JURISDICTION
CRIMINAL SIDE
DATED: ALLAHABAD 20.02.2026

BEFORE

THE HON'BLE DR. GAUTAM CHOWDHARY, J.

Criminal Misc. Bail Application No. 5285 of 2026

Tahseen ...Applicant
Versus
State of U.P. & Ors. ....Opposite Parties

विचारणीय प्रश्न
(i) क्या प्रकरण के िथ्यों एवं पररदस्थदियों में आवेिक को जमानि पर मुक्त दकया जाना उपयुक्त है;
(ii) क्या उपलब्ध सामग्री के आधार पर जमानि िेने में कोई बाधा दवद्यमान है।

हेडनोट्स
दावडडक विवि - जमानत - सहमवत - विरोि का अभाि:

वनणीत: जहााँ सूचनाकिाव द्वारा शपथपत्र के माध्यम से यह अवगि कराया गया दक वह आवेिक से दववाह कर चुकी है और अब उसके दवरुद्ध कोई
कायवाही नहीं करना चाहिी, िथा अदभयोजन की ओर से भी जमानि का दवरोध नहीं दकया गया, वहााँ जमानि प्रिान दकए जाने का आधार दवद्यमान था।
[Para 3-4]

दावडडक विवि - जमानत - साक्ष्य से छेड़छाड़ की सांभािना - अभाि:

वनणीत: जहााँ उपलब्ध सामग्री के आधार पर साक्ष्यों के साथ छे़िछा़ि की कोई संभावना नहीं पाई गई और कोई ठोस दवरोधात्मक सामग्री भी अदभलेख पर
उपलब्ध नहीं थी, वहााँ आवेिक को जमानि पर मुक्त दकया जाना उपयुक्त पाया गया। [Para 5]

दावडडक विवि - जमानत - विचारण के गुण-दोष पर वटप्पणी - वनषेि:

वनणीत: जमानि प्राथवना पत्र पर दनणवय करिे समय वाि के गुण-िोष पर कोई दटप्पणी दकए दबना, उपलब्ध पररदस्थदियों के आधार पर जमानि प्रिान की
जा सकिी है। [Para 6]

दावडडक विवि - जमानत - शतें - अनुपालन:

वनणीत: आवेिक को जमानि पर मुक्त करिे समय यह शिें आरोदपि की गईं दक वह साक्ष्यों से छे़िछा़ि नहीं करेगा, अदभयोजन सादक्षयों को प्रभादवि नहीं
करेगा, न्यायालय के आिेशों का पालन करेगा, परीक्षण में सहयोग करेगा िथा जमानि की स्विंत्रिा का िुरुपयोग नहीं करेगा। [Para 6]

जमानि मंजूर। (E-14)
2 All. Tahseen Vs. State of U.P. & Ors.
895
उद्धृत वनणणय (Case Law Cited)
- कोई नहीं -

अविवनयम / विवियााँ (List of Acts / Statutes)
भारिीय न्याय संदहिा, 2023

प्रमुख शब्द (List of Keywords)
जमानि; सहमदि; दवरोध का अभाव; साक्ष्य से छे़िछा़ि; जमानि की शिें; िादडडक कायवाही।

उत्पवि (Case Arising From)
मु०अ०सं० 298/2025, धारा 69/352/351(2)/351(3) बी.एन.एस., थाना कमलगंज, दजला फर्रवखाबाि।

पक्षकारों के अवििक्ता (Appearance for Parties)
आवेिक की ओर से: श्री सुशांि दमश्रा
दवपक्ष की ओर से: शासकीय अदधवक्ता (G.A.)

(Delivered by Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary, J.)

1. सूची पुनरीक क्ष त वतमादन दाक ण्ड क प्र कीणर् जमानत प्र ा थनाद पत्र , आवेदक तहसीन की ओर से मु.अ.सं० 298/2025
अन्त गतद धारा 69/ 352/ 351(2)/ 351(3) बी.एन.एस., थाना कमलगंज, क जला फरूर् खाबाद में जमानत पर मुक्त करने हेतु प्रस् तु
त क कया गया है।

2. आवेदक के क वद्वा न कअधवक्ता एवं क वद्वा न अपर शासकीय कअधवक्ता को सुना तथा पत्रा वली काकपरशीलन क कया।

3. आवेदक के क वद्वा न कअधवक्ता ने तकर् प्रस् तु त क कया क क आवेदक को इस प्र करण में गलत एवंफजीर् ढंग से झूठा फंसाया
गया है, उन्होने आगे कथन क कया क क सूचनाकतार् द्व ा रा अपने शपथ पत्र के माध् य म से यह अवगत कराया क क वह आवेदक से
शादी कर चुकी है और अब वह आवेदक केक खलाफ कोई भी कायवादही नहीं करना चाहती। पुनः उनका कथन है क क आवेदक की ओर से
यह आश्वा सन क दया गया है क क वह कानून की प्र क क्र या में सहयोग करने के क लए तैयार है और जब भीआवश्य कता होगी वह
ईमानदारी से अदालत के समक्ष खुद को उपलब्ध कराएगा और उन सभी शतों को स् वी कार करने के क लए भी तैयार है जो न् या यालय उस
पर कअधरोक पत करेगी। आवेदक क नदोर् र् है तथा वह इस प्र करण में क द० 05.01.2026 से कारागार में क नरुद्ध है इकसलए आवेदक
को जमानत पर छोड क दया जाय।

4. क वद्वा न अपर शासकीय कअधवक्ता द्व ा रा भी आवेदक के क वद्वा न कअधवक्ता के बताए गए तथ्यों की
पुक ष्ट की गयी, और कथन क कया उन् हें इस तथ् य पर आवेदक के जमानत पर कोई आकपत्त नहीं है।

5. आवेदक के क वद्वा न कअधवक्ता के तकोर्ं के कपरप्रेक्ष् य प्रश् न गत प्र करण में पत्रा वली पर उपलब्धसारवान तथ्यों एवं कपररस्थ
क तयों का समग्र रू प से अवलोकन करने के बाद, सबूतों की प्र कृक त औररकसी भी ठोस क वरोधात् म क सामग्र ी की अनुकपस्थ क त
एवं उपलब्ध सामग्र ी से छेड छाड की संभावनान होने के तथ्य को देखते हु ए मेरी राय में आवेदक को जमानत पर मुक्त करने का उपयुक्त
आधार है।
896 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES

6. अतः वाद के गुण दोर् पर क बना कोई क टप्प णी क कए हु ए आवेदक को उपरोक्त कवणत अपराध मेंसंबंक धत न् या यालय की
सन् तु क ष्ट पर व्य क क्त गत बंध-पत्र एवं कअधक धनराक श के दो स् था नीय प्र क तभू प्रस्तुत करने करने पर क नम् न क कलखत शतोर्ं
के साथ जमानत पर छोड क दया जाय।

1.आवेदक क ववेचना या परीक्ष ण के दौरान कअभयोजन साक्ष् यों के साथ छेड छाड नहीं करेगा।

2.आवेदक कअभयोजन साक क्ष यों व पीक ड ता/ क शकायतकतार् को डरायेगा/धमकायेगा नहीं ।

3.आवेदक न् या यालय के आदेशों का पालन करेगा, वह परीक्ष ण के दौरान क बना कोई अनावश्य क स् थ गन क लए
क नयत क कतथ पर न् या यालय में उकपस्थ त होगा तथा परीक्ष ण में ईमानदारी से सहयोग करेगा।

4.आवेदक जमानत पर क रहा होने के बाद जमानत की स् व तंत्र ता का दुरू पयोग नही करेगा और क कसी भी अपराक धक
कगकतकवध में क लप्त नहीं होगा न कोई अपराक धक कृत्प्य करेगा।

5.आवेदक प्रत् यक्ष या अप्रत् यक्ष रू प से मामले के तथ्यों से कपररचत क कसी भी व्य क क्त या पुक लसकअधकाक रयों को
कोई प्र लोभन या धमकी नहीं देगा न ही उनसे कोई वायदा करेगा, क जसकेकारण उन् हें न् या यालय में तथ्यों को उजागर करने से क वरत
रहना पडेे़।

उपरोक्त शतोर्ं में से क कसी के उल्लं घन के मामले में, परीक्ष ण न् या यालय आवेदक की जमानत
क नयमानुसार रद्द करने को स् व तंत्र है।
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(2026) 2 ILRA 896
ORIGINAL JURISDICTION
CIVIL SIDE
DATED: ALLAHABAD 26.02.2026

BEFORE

THE HON'BLE RAJIV GUPTA, J.
THE HON'BLE ACHAL SACHDEV, J.

Criminal Misc. Writ Petition No. 3822 of 2026

Kirti Verma ...Petitioner
Versus
State of U.P. ...Respondent

Issue for Consideration
(i) Whether a writ of mandamus can be issued directing re-recording of statement of the victim
under Section 183 of the Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023;
(ii) Whether alleged non-compliance of procedural safeguards, particularly non-reading over of
statement, warrants exercise of extraordinary jurisdiction for directing a second statement
under Section 183 B.N.S.S.;