# Waseem @ Mohammad Waseem v. State of U.P. & Ors

- **Citation:** (2025) 7 ILRA 18
- **Court:** High Court of Judicature at Allahabad
- **Decided:** 2025-07-03
- **Case number:** Application U/S 482 No. 5309 of 2025
- **Bench:** Subhash Vidyarthi
- **Source:** https://unisonlegal.in/judgment/allahabad-high-court/waseem-mohammad-waseem-v-state-of-u-p-ors-53617
- **Pages:** 3

## Headnote

IPC and under POCSO Act if consented relation
and age of victim is about 18 years.

Headnotes
Indian Penal Code-sec.363, 366, 376;
Protection
of
Children
from
Sexual
Offences Act, 2012-sec. 3/4-Victim at the
time
of
incidence-aged
about
18
yearsstatement u/s 164 Cr.P.C.-victim stated her
consent-want to marry the accused-crime
against society-but victim's welfare-as she
wants to marry the accused-and is residing with
him as his wife since past one and half yearsproceedings quashed. Application allowed.
(E-9)
Case Law Cited

## Text

18 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
(2025) 7 ILRA 18
ORIGINAL JURISDICTION
CRIMINAL SIDE
DATED: LUCKNOW 03.07.2025

BEFORE

THE HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.

Application U/S 482 No. 5309 of 2025

Waseem @ Mohammad Waseem
 ...Applicant
Versus
State of U.P. & Ors. ...Opposite Parties

Counsel for the Applicant:
Avinash Shukla, Jyoti Tripathi

Counsel for the Opposite Parties:
G.A.

Issue for consideration
Pertains to Criminal proceedings u/s 366, 376
IPC and under POCSO Act if consented relation
and age of victim is about 18 years.

Headnotes
Indian Penal Code-sec.363, 366, 376;
Protection
of
Children
from
Sexual
Offences Act, 2012-sec. 3/4-Victim at the
time
of
incidence-aged
about
18
yearsstatement u/s 164 Cr.P.C.-victim stated her
consent-want to marry the accused-crime
against society-but victim's welfare-as she
wants to marry the accused-and is residing with
him as his wife since past one and half yearsproceedings quashed. Application allowed.
(E-9)
Case Law Cited
1. Kapil Gupta vs. State (2022) SCC pg 44
2. Narendra Singh vs. State of Punjab (2014) 6
SCC 466
List of Acts
1. Indian Penal Code, 1860
2. Protection of Children from Sexual Offences
Act, 2012
Appearance for parties-
Counsel for Applicant :- Avinash Shukla,Jyoti
Tripathi,
Counsel for Opposite Party :- G.A

(Delivered by Hon'ble Subhash Vidyarthi, J.)

1. विपक्षीगण की तरफ से एक लघु
प्रततशपथ पत्र प्रस्तुत ककया गया, जिसे अभिलेख
पर भलया िाता है।

2. प्राथी के विद्िान अधििक्ता श्री
अविनाश शुक्ला तथा विद्िान अपर शासकीय
अधििक्ता श्री दििाकर भसिंह एििं विपक्षी सिंख्या
2 तथा 3 के विद्िान अधििक्ता श्री अिीत
कुमार को सुना तथा पत्रािली का अिलोकन
ककया।

3. िारा 482 िण्ड प्रकिया सिंदहता के
अन्तगगत प्रस्तुत इस प्राथगना पत्र द्िारा प्राथी ने
प्रथम सूचना ररपोर्ग सिंख्या 106 सन् 2022
अन्तगगत िारा 363, 366, 376 िा०ििं०सिं० एििं
लैंधगक
अपरािों
से
बालकों
का
सिंरक्षण
अधितनयम की िारा 3/4, थाना अदहरौली,
िनपि-अम्बेडकर नगर के अनुिम में प्रस्तुत
आरोप पत्र दिनािंककत 25.06.2022 तथा उक्त
के आिार पर उत्पन्न आपराधिक िाि सिंख्या
408 सन् 2022 के अनुिम में विद्िान मुख्य
न्यायािीश, लैंधगक अपरािों से बालकों का
सिंरक्षण अधितनयम, अम्बेडकर नगर द्िारा
पाररत आिेश दिनािंक 09.09.2022, जिससे
उक्त अपराि का सिंज्ञान भलया एििं प्राथी को
विचारण के भलए तलब ककया गया, के
तनरस्तीकरण की प्राथगना इस आिार पर की
गई है कक पक्षों के मध्य समझौता हो गया
है।
7 All. Waseem @ Mohammad Waseem Vs. State of U.P. & Ors.
19
4. दिनािंक 30.05.2022 को विपक्षी
सिंख्या 3 द्िारा भलखाई गई प्रथम सूचना ररपोर्ग
में यह कहा गया था कक प्राथी भशकायतकताग की
17 िर्षीय पुत्री (विपक्षी सिंख्या 2) को दिनािंक
28.05.2022 को बहला-फुसलाकर कहीिं ले

5. िारा 161 तथा 164 ििं०प्र०सिं० के
अन्तगगत अिंककत अपने बयानों में पीड़िता ने
अपनी मिी से प्राथी के साथ िाना एििं उसके
साथ उसकी पत्नी के रूप में रहने का कथन
ककया है।

6. धचककत्सकीय परीक्षण में पीड़िता की
आयु लगिग 17 से 18 िर्षग बताई गई है।

7. पीड़िता (विपक्षी सिंख्या 3) का बयान
विचारण न्यायालय में अिंककत हो गया है तथा
िह पक्षद्रोही घोवर्षत हो गई है।

8. प्राथगना पत्र के साथ पक्षों के मध्य
तनष्पादित मूल सुलहनामा सिंलग्न ककया गया है,
जिसमें यह कहा गया है कक प्राथी तथा विपक्षी
सिंख्या 3 एक साथ एक घर में शािंततपूणग तरीके
से लगिग 12 िर्षों से रह रहे हैं, िोनों आपस में
शािी करना चाहते हैं तथा कोई िी पक्ष अब
आपराधिक कायगिाही नहीिं चाहता है।

9. विपक्षी सिंख्या 2 तथा 3 की तरफ से
सिंयुक्त रूप से प्रस्तुत लघु शपथ पत्र में विपक्षी
सिंख्या 3 ने अपनी आयु 21 िर्षग िशागई है तथा
उसने आपराधिक कायगिाही के तनरस्तीकरण की
प्राथगना का समथगन ककया है।

10. यद्यवप गिंिीर प्रकरणों, िहााँ काररत
ककया गया अपराि मात्र एक व्यजक्त के विरुद्ि
अपराि न होकर समाि के विरुद्ि अपराि की
श्रेणी में आता है, सामान्यतः सुलह के आिार
पर आपराधिक कायगिाही समाप्त नहीिं की िा
सकती, न्यायालय को प्रत्येक प्रकरण के तथ्यों
एििं पररजस्थततयों को दृजष्र्गत रखते हुए ही
अपनी
अन्ततनगदहत
शजक्तयों
का
प्रयोग
न्यायदहत में करना चादहए।

11. कपिल गुप्ता बनाम राज्य (2022)
15 एस०सी०सी० िृष्ठ 44 में उच्च न्यायालय ने
िारा 376 िा०ििं०सिं० के अपराि के प्रकरण में
सुलह के आिार पर िारा 482 ििं०प्र०सिं० की
शजक्तयों का प्रयोग करते हुए आपराधिक
कायगिाही को तनरस्त करने की मािंग अस्िीकार
कर िी थी। उच्च न्यायालय के आिेश के
विरुद्ि
प्रस्तुत
अपील
माननीय
उच्चतम
न्यायालय ने स्िीकार कर ली तथा बलात्कार के
आरोप के सिंबिंि में आपराधिक कायगिाही सुलह
के आिार पर समाप्त कर िी। इस तनणगय में
माननीय उच्चतम न्यायालय ने नरेंद्र ससिंह
बनाम ििंजाब राज्य (2014) 6 एस०सी०सी 466 के
तनणगय का आश्रय भलया, जिसमें माननीय
उच्चतम न्यायालय ने यह अििाररत ककया था
कक िघन्य तथा गिंिीर आपराधिक प्रकरणों में
न्यायालय
को
आपराधिक
कायगिाही
तनरस्तीकरण की याधचका में यह िेखने के
विरुद्ि कोई बािा नहीिं है कक क्या कधथत
अपराि का आरोप लगाने के सिंबिंि में कोई
सामग्री है अथिा क्या ऐसा समुधचत साक्ष्य
उपलब्ि है, जिससे कक आरोपी को कधथत
अपराि का िोर्षी भसद्ि ककया िा सके।
न्यायालय को यह िी िेखना चादहए कक क्या
पक्षों के मध्य समझौते से उनके बीच सौहािग
स्थावपत होगा, जिससे उनके आपसी ररश्ते बेहतर
बनेंगे। न्यायालय को यह िी िेखना चादहए कक
20 INDIAN LAW REPORTS ALLAHABAD SERIES
सुलह कायगिाही के ककस स्तर पर हुई है। यदि
सुलह विचारण के अिंततम स्तर पर होती है तो
न्यायालय को ऐसी सुलह के आिार पर
कायगिाही तनरस्त करने में शीघ्रता नहीिं दिखानी
चादहए, ककन्तु यदि सुलह विचारण के प्रारिंभिक
स्तर पर होती है तो यह तथ्य न्यायालय की
अिंततनगदहत शजक्तयों के प्रयोग में कायगिाही
तनरस्तीकरण के पक्ष में होगा।

12. उपरोक्त तनणगय के दृजष्र्गत मात्र
बलात्कार अथिा बालकों के विरुद्ि यौन
अपराि का आरोप अभिकधथत होने के कारण
आपराधिक कायगिाही के तनरस्तीकरण के
विरुद्ि कोई सम्पूणग प्रततबिंि नहीिं है तथा
प्रत्येक
प्रकरण
अपने
विशेर्ष
तथ्यों
एििं
पररजस्थततयों के आिार पर तनणीत होगा।

13. प्रस्तुत प्रकरण में िब कक पीड़िता
के धचककत्सकीय परीक्षण में घर्ना के समय
उसकी आयु लगिग 18 िर्षग आई, उसने अपनी
मिी से प्राथी के साथ िाकर उसके साथ उसकी
पत्नी के रूप में रहने का कथन ककया है, ितगमान
में पीड़िता की आयु 21 िर्षग है तथा सुलहनामे में
उसने कहा कक िह और प्राथी एक ही घर में एक
साथ लगिग 12 िर्षों से रह रहे हैं तथा िोनों
आपस में शािी करना चाहते हैं एििं कोई िी पक्ष
अब आपराधिक कायगिाही नहीिं चाहता है,
न्यायालय का स्पष्र् मत है कक आपराधिक
कायगिाही िारी रखने से पीड़िता के दहतों पर िी
विपरीत प्रिाि प़िने की प्रबल सम्िािना होगी
एििं आपराधिक कायगिाही िारी रखना ककसी िी
प्रकार से न्यायदहत में नहीिं होगा।

14. उपरोक्त वििेचना के आलोक में
प्राथगना पत्र स्वीकार ककया िाता है। प्रथम
सूचना ररपोर्ग सिंख्या 106 सन 2022 अन्तगगत
िारा 363, 366, 376 िा०ििं०सिं० एििं लैंधगक
अपरािों से बालकों का सिंरक्षण अधितनयम की
िारा 3/4, थाना अदहरौली, िनपि-अम्बेडकर नगर
के अनुिम में प्रस्तुत आरोप पत्र दिनािंककत
25.06.2022 तथा उक्त के आिार पर उत्पन्न
आपराधिक िाि सिंख्या 408 सन् 2022 के
अनुिम में विद्िान मुख्य न्यायािीश, लैंधगक
अपरािों से बालकों का सिंरक्षण अधितनयम,
अम्बेडकर नगर द्िारा पाररत आिेश दिनािंक
09.09.2022, जिससे उक्त अपराि का सिंज्ञान
भलया एििं प्राथी को विचारण के भलए तलब
ककया गया तथा उक्त आपराधिक िाि की
सिंपूणग कायगिाही ननरस्त की िाती है।
---------
(2025) 7 ILRA 20
ORIGINAL JURISDICTION
CRIMINAL SIDE
DATED: LUCKNOW 03.07.2025

BEFORE

THE HON'BLE RAJNISH KUMAR, J.

Application U/S 482 No. 5317 of 2025

Dhanu Krishi Sewa Kendra & Anr.
 ...Applicants
Versus
State of U.P. & Anr. ...Opposite Parties

Counsel for the Applicants:
Shantanu Mishra, Mohd. Kaif Khan

Counsel for the Opposite Parties:
G.A.

ISSUE FOR CONSIDERATION
Whether the trial and revisional courts were
justified in awarding interim compensation
under
Section
143A
of
the
Negotiable
Instruments
Act,
despite
the
applicant's
objections regarding cheque loss, stop payment,
and alleged absence of liability.